नैनीताल , जून 16 -- टिहरी बांध परियोजना की स्वीकृति से जुड़ी महत्वपूर्ण शर्तों के कथित उल्लंघन का मामला उच्च न्यायालय पहुंच गया है।
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने इस मामले में मंगलवार को सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
प्रतापनगर के विधायक विक्रम सिंह नेगी द्वारा एक जनहित दायर कर इस प्रकरण को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि टिहरी बांध परियोजना को वर्ष 1990 में मंजूरी देते समय केंद्र सरकार ने भागीरथी रिवर मैनेजमेंट अथॉरिटी के गठन और उसके नियमित संचालन की शर्त रखी थी।
अथॉरिटी का उद्देश्य बांध परियोजना के पर्यावरणीय, भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक प्रभावों की निगरानी करना था। यह भी कहा गया है कि उत्तराखंड विधानसभा द्वारा वर्ष 2005 में पारित अधिनियम में अथॉरिटी को सरकारी फंड उपलब्ध कराने का स्पष्ट प्रावधान किया गया था, लेकिन राज्य गठन के वर्षों बाद भी इसे पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे इसकी प्रभावी कार्यप्रणाली प्रभावित हुई है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित