देहरादून , जुलाई 10 -- उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में टिहरी झील को वैश्विक गंतव्य के रूप में विकसित किए जाने के संदर्भ में उच्च स्तरीय समिति की बैठक हुई।
मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी लेक वैश्विक गंतव्य से सम्बन्धित उच्च स्तरीय समिति की बैठकों में टीएचडीसी प्रबंध निदेशक को विशेष आमंत्रित के रूप में तथा जिलाधिकारी टिहरी को भी शामिल किया जाए। साथ ही, टिहरी लेक प्रोजेक्ट को एक कैची सा नाम दिया जाए, जो लोगों की जुबान पर बस जाए और बोलना आसान हो।
उन्होंने कहा कि टिहरी को वैश्विक गंतव्य के रूप में विकसित करने के साथ ही टिहरी झील परियोजना को अधिकतम नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित गंतव्य के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लिए तैयार की जाने वाली एसटीपी को भी सोलर पॉवर से संचालित किए जाने हेतु सोलर प्लांट लगाए जाने की संभावनाएं तलाशी जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि टिहरी लेक के आसपास कुछ गांवों को उत्तराखण्ड के क्राफ्ट, कल्चर, हेरिटेज की थीम से जोड़ते हुए पारंपरिक गांव के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने इस प्रकार के मॉडल गांव को आजीविका से जोड़ते हुए लोकल हितधारकों को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये अवधारणा हमें सभी पर्यटन गंतव्य के लिए लागू करना चाहिए। उन्होंने योजना के तहत् बनायी जाने वाली प्रत्येक सम्पत्ति के संचालन एवं रखरखाव की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए योजना में हितधारकों को जोड़ते हुए आय सृजन गतिविधियों को शामिल किया जाए। उन्होंने टिहरी झील में बोटिंग और जेटी के संचालन के लिए वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर झील की क्षमता का आंकलन करते हुए सम्पूर्ण कार्ययोजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि काम फेजवाईज किया जा सकता है, परन्तु सम्पूर्ण योजना एक बार में तैयार की जानी चाहिए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित