अगरतला , अगस्त 24 -- त्रिपुरा सरकार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी पार्टी टिपरा मोथा के संस्थापक और शाही परिवार के सदस्य प्रद्योत किशोर देबबर्मन ने संकेत दिया है कि एक अहम राजनीतिक फैसले के कारण उनकी पार्टी में टूट हो सकती है।

पार्टी के संस्थापक और शाही परिवार के सदस्य प्रद्योत किशोर देबबर्मन ने संकेत दिया है कि एक अहम राजनीतिक फैसले के कारण उनकी पार्टी में टूट हो सकती है।

त्रिपुरा के आदिवासी इलाकों के स्वायत्त जिला परिषद (एडीसी) में होने वाले आगामी ग्राम परिषद चुनावों के लिए भाजपा और टिपरा मोथा के बीच चल रही बातचीत का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनके आने वाले फैसले को स्वीकार नहीं किया गया, तो कुछ विधायक (एमएलए) और एमडीसी इस्तीफ़ा दे सकते हैं।

श्री देबबर्मन ने सोशल मीडिया पर एक लाइवस्ट्रीम के दौरान कहा, "इस बात की पूरी संभावना है कि मेरे भविष्य के फैसले का मेरी पार्टी में हर कोई स्वागत नहीं करेगा। कुछ विधायक और एमडीसी पार्टी छोड़ने का फैसला भी कर सकते हैं।" उन्होंने कहा कि अगर टिपरासा समुदाय (आदिवासी) के लिए उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो पार्टी को "अलग रास्ता" अपनाना पड़ सकता है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कुछ मुद्दे राजनीति से ऊपर होते हैं और समुदाय के अस्तित्व के लिए ज़रूरी हैं।

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