अगरतला , सितंबर 14 -- पश्चिम त्रिपुरा के मोहनपुर स्थित मेघलीबंद चाय बागान में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। आरोप है कि टिपरा मोथा से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों के एक समूह ने चाय बागान के कर्मचारियों को धमकाया और श्रमिक नेताओं पर हमला करने की कोशिश की। साथ ही, बागान के कुछ हिस्सों पर जबरन कब्जा करने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है।

ऐसा बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब कल चाय की पत्तियां तोड़ने जा रहे चाय बागान के श्रमिकों को टिपरा मोथा समर्थकों के एक वर्ग ने कथित तौर पर रोका और धमकी दी। इसके बाद स्थिति उस समय और बिगड़ गई, जब कथित समूह चाय बागान क्षेत्र में दाखिल हुआ और श्रमिक नेताओं तथा मजदूरों से भिड़ने की कोशिश की। इसका चाय बागान के सैकड़ों श्रमिकों ने विरोध किया, जिनमें बड़ी संख्या में महिला श्रमिक भी शामिल थीं।

हालात बिगड़ने पर मोथा समर्थकों को इलाका छोड़ना पड़ा, जबकि स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिसकर्मी और टीएसआर जवान मौके पर मौजूद थे। मजदूरों ने हालांकि आरोप लगाया है कि सुरक्षाकर्मी स्थिति को प्रभावी ढंग से संभालने में नाकाम रहे, जिससे अधिकारियों की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

यह विवाद चाय बागान की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश से जुड़ा है। आरोप है कि टिपरा मोथा से जुड़े श्रमिकों के एक वर्ग ने बागान की जमीन का एक हिस्सा उन्हें सौंपने को कहा। इस मांग ने पूरे विवाद को जमीन और मजदूरों के अधिकार से जुड़े संघर्ष का रूप दे दिया है।

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