बैतूल , सितंबर 30 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र के ग्राम छिंदी में सोमवार शाम अचानक पहुंचे टिड्डियों के बड़े दल ने मक्का की फसल को नुकसान पहुंचाया। किसानों के अनुसार हजारों की संख्या में पहुंचे टिड्डियों के दल ने देखते ही देखते मक्का के पौधों की हरी पत्तियां नष्ट कर दीं। किसान टिड्डियों को भगाने के लिए थालियां बजाते, शोर करते और खेतों में धुआं करते रहे, लेकिन फसल को बचा नहीं सके।
किसानों ने बताया कि सोमवार शाम खेतों के ऊपर अचानक टिड्डियों का झुंड दिखाई दिया। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में टिड्डियां मक्का के खेतों में उतर गईं और पौधों की हरी पत्तियां गायब होने लगीं। किसानों ने अपने स्तर पर टिड्डियों को भगाने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन टिड्डियों का झुंड लगातार फसल पर मंडराता रहा।
किसानों के अनुसार महीनों की मेहनत और लागत से तैयार की गई फसल की पत्तियां उनकी आंखों के सामने नष्ट होती चली गईं। कुछ समय बाद खेतों में मक्का के पौधे तो खड़े रहे, लेकिन उनकी अधिकांश हरी पत्तियां गायब हो चुकी थीं। किसानों का कहना है कि इससे मक्का के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है।
टिड्डियों के हमले से धनाजी, अभिमन्यु सिंह, अर्जुन, रेखाबाई, लालजी और गीता बाई सहित कई किसानों के खेत प्रभावित होने की बात सामने आई है। किसानों का कहना है कि मक्का की फसल से होने वाली आय पर उनकी उम्मीद टिकी थी, लेकिन टिड्डियों के हमले के बाद नुकसान का वास्तविक आकलन स्पष्ट नहीं है।
किसानों का आरोप है कि उन्होंने टिड्डियों के खेतों में पहुंचने की सूचना राजस्व विभाग के अधिकारियों को फोन पर दी थी। उनका कहना है कि अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखने के बजाय टिड्डी दल के आने से ही इनकार कर दिया। हालांकि, ग्राम पंचायत के सरपंच ने कुछ किसानों की फसल को नुकसान पहुंचने की पुष्टि की है।
किसानों ने प्रशासन से प्रभावित खेतों का तत्काल सर्वे कराने और नुकसान की स्थिति के अनुसार नियमानुसार राहत दिलाने की मांग की है। फिलहाल छिंदी के खेतों में बिना पत्तियों वाले मक्का के पौधे किसानों की परेशानी को दर्शा रहे हैं और किसान प्रशासन की जांच एवं नुकसान के आकलन का इंतजार कर रहे हैं।
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