अलवर , अप्रैल 28 -- राजस्थान में अलवर जिले के गोविन्दगढ़ उपखंड क्षेत्र में झोलाछाप चिकित्सकों के किये जा रहे उपचार के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो अवैध क्लीनिकों को सील किया, जबकि एक को नोटिस जारी किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बिना डिग्री और पंजीकरण के मरीजों का इलाज कर रहे झोलाछापों के खिलाफ चिकित्सा विभाग और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया है। इस कार्रवाई की भनक लगतेही कई क्लीनिक वाले अपनी दुकानों को बंद करके फरार हो गये।
तहसीलदार आर.के. यादव और मुख्य ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ अमरजीत गुर्जर के नेतृत्व में दल ने न्याना स्थित साकिर क्लीनिक पर छापा मारा। यहां संचालक द्वारा बच्चों तक का इलाज किया जा रहा था और मरीजों को बोतल चढ़ायी जा रही थी, जबकि उसके पास न तो कोई वैध डिग्री थी और न ही पंजीकरण। दल ने मौके पर ही कड़ी फटकार लगाते हुए नोटिस थमाया।
इसी दौरान सैदमपुर गांव में दो झोलाछापों के क्लीनिकों पर कार्रवाई की गयी। प्रशासन के दल को देखते ही दोनों संचालक मौके से फरार हो गये, जिसके बाद उनकी दुकानों को सील कर दिया गया।
चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में लंबे समय से झोलाछापों का नेटवर्क सक्रिय था और इसकी लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि ये लोग पट्टी बांधने से लेकर छोटे ऑपरेशन तक खुलेआम कर रहे थे। गंभीर मरीजों का भी इलाज यहीं किया जाता और हालत बिगड़ने पर उन्हें यहां से अन्यत्र भेजकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती थी।
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