जौनपुर , जुलाई 18 -- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में शहर कोतवाली क्षेत्र के रसूलाबाद में 68 हजार 840 रुपये की लूट का मामला पुलिस जांच में पूरी तरह फर्जी निकला। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने शराब कंपनी के एक कर्मचारी को गबन और आपराधिक विश्वासघात के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता ने शनिवार को बताया कि शराब कंपनी के कर्मचारी विकास यादव ने शुक्रवार शाम पुलिस को सूचना दी थी कि रसूलाबाद क्षेत्र में तीन बाइक सवार बदमाशों ने तमंचे के बल पर उससे 68,840 रुपये से भरा बैग लूट लिया है।

सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के साथ अन्य साक्ष्यों की जांच शुरू की। जांच के दौरान कर्मचारी के बयान और घटनास्थल के तथ्यों में कई विसंगतियां सामने आईं। सीसीटीवी फुटेज में भी कथित लूट की घटना की पुष्टि नहीं हुई, जिससे पुलिस को शिकायत पर संदेह हुआ।

पुलिस ने शराब कारोबारी की तहरीर पर कर्मचारी विकास यादव के विरुद्ध गबन और आपराधिक विश्वासघात की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने कंपनी की धनराशि हड़पने के उद्देश्य से लूट की झूठी कहानी गढ़ी थी।

पूछताछ के दौरान विकास यादव ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसने रुपये अपने पास रखने की नीयत से फर्जी लूट की सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने उसे विधिक कार्रवाई पूरी कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने धनराशि कहां छिपाई थी तथा क्या इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भी कोई भूमिका थी।

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