कोटा , जून 14 -- राजस्थान में कोटा की एक अदालत ने झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने के आरोपी को दोषी करार देते हुए उस पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
पुलिस अधीक्षक (कोटा शहर) तेजस्वनी गौतम ने शनिवार को बताया कि पुलिस मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर झूठे मामले दर्ज कराने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत थाना नान्ता में दर्ज एक मामले की जांच में शिकायत झूठी पाए जाने पर परिवादी के खिलाफ न्यायालय में इस्तगासा पेश किया गया था।
उन्होेंने बताया कि आराेपी रामकरण ने 27 फरवरी को नान्ता थाने में मामला दर्ज कराया था। जांच के दौरान आरोप असत्य पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट (एफआर) न्यायालय में प्रस्तुत कर दी। न्यायालय ने रामकरण को झूठा मामला दर्ज कराने का दोषी मानते हुए उस पर 500 रुपये का जुर्माना किया।
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