रायपुर , सितंबर 05 -- झीरम घाटी नक्सली हमला मामले में 10 आरोपियों को विशेष एनआईए अदालत की ओर से दोषी करार दिये जाने के बाद कांग्रेस ने फैसले को 'अधूरा न्याय' बताते हुए मामले में कथित राजनीतिक षड्यंत्र की भी जांच की मांग की है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह, गृह मंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी, एडीजी नक्सल और एक बड़े सरेंडर नक्सली का नार्को टेस्ट कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि झीरम हमला केवल नक्सली हमला नहीं, बल्कि राजनीतिक षड्यंत्र था और इसकी पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिये।

श्री बैज ने सवाल उठाया कि प्राथमिकी में कई बड़े नक्सली नेताओं के नाम होने के बावजूद अंत में केवल 10 आरोपियों को दोषी क्यों ठहराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि एनआईए ने राजनीतिक षड्यंत्र के पहलू की जांच नहीं की और कांग्रेस इस फैसले से संतुष्ट नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी फैसले को 'अधूरा न्याय' बताते हुए कहा कि झीरम में व्यापक राजनीतिक षड्यंत्र की जांच जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनआईए ने इस पहलू की जांच नहीं की और 2020 में दर्ज दूसरी प्राथमिकी पर भी अब तक जांच आगे नहीं बढ़ी है।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि झीरम नरसंहार के पीछे मौजूद कथित राजनीतिक षड्यंत्र की जांच अभी बाकी है। उन्होंने आईबी की सूचना के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने और काफिले के मार्ग पर पर्याप्त बल तैनात नहीं किये जाने को लेकर तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की।

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