जगदलपुर , सितंबर 08 -- छत्तीसगढ़ के जगदलपुर महापौर संजय पाण्डेय ने झीरम घाटी मामले को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए मंगलवार को कहा कि कांग्रेस इस मामले को न्याय के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस के नेता झीरम कांड से जुड़े सबूत होने का दावा करते रहे हैं, तो प्रदेश में पांच वर्ष सरकार में रहने के दौरान उन प्रमाणों को जांच एजेंसियों या न्यायालय के समक्ष क्यों नहीं रखा गया।
श्री पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए न तो अपने कथित प्रमाण सार्वजनिक किए और न ही आरोपों को प्रमाणित कर सकी। अब सत्ता से बाहर होने के बाद झीरम मामले को लेकर लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस के पास ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें सक्षम जांच एजेंसी और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर नक्सलवाद के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब सुरक्षा बल नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं और बस्तर में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा संचार सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, तब कांग्रेस का एक वर्ग नक्सलियों के विरुद्ध कार्रवाई पर सवाल उठाता रहा है।
महापौर ने कहा कि झीरम घाटी की घटना छत्तीसगढ़ के इतिहास का अत्यंत दुखद अध्याय है और इसमें जान गंवाने वाले नेताओं एवं सुरक्षाकर्मियों के प्रति पूरे प्रदेश की संवेदनाएं हैं। ऐसे गंभीर मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर बात होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सरकार में रहते हुए उसने अपने कथित सबूत संबंधित एजेंसियों के सामने क्यों नहीं रखे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस झीरम की त्रासदी का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है और यदि उसके पास कोई प्रमाण है तो उसे सक्षम मंच पर प्रस्तुत करना चाहिए।
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