रायपुर , सितंबर 06 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने झीरम घाटी मामले में आए फैसले को लेकर कांग्रेस के बयानों पर पलटवार करते हुए रविवार को कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पास यदि कोई साक्ष्य था तो उन्हें उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी को देना चाहिए था।

बिलासपुर के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित तीजा-पोरा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना होने से पहले रायपुर में पत्रकारों से चर्चा में मुख्यमंत्री ने कहा कि झीरम घाटी मामले की जांच एजेंसी को सौंपी गई थी और उस समय केंद्र में कांग्रेस नीत यूपीए की सरकार थी। मामले में लगातार सुनवाई हुई और 100 से ज्यादा गवाहों के बयान लिए गए। इसके बाद फैसला आया, जिसमें 10 से अधिक लोगों को सजा सुनाई गई है। उन्होंने कहा कि 16 सितंबर को अदालत सजा तय करेगी।

श्री साय ने कांग्रेस के आरोपों पर कहा कि अगर भूपेश बघेल के पास कोई साक्ष्य था तो उन्हें वह एजेंसी को देना चाहिए था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वे सबूत अपनी जेब में लेकर घूमते थे।

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