जगदलपुर , सितंबर 24 -- छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी माओवादी हमला मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत के 10 दोषियों को सुनाई गई मृत्युदंड की सजा को बचाव पक्ष ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद चौधरी ने दोषियों के परिजनों से चर्चा के बाद उच्च न्यायालय में अपील दाखिल की है। अब मामले में उच्च न्यायालय की ओर से आगे की न्यायिक प्रक्रिया का इंतजार है।
जगदलपुर स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने पांच सितंबर को मामले में सुनवाई का सामना कर रहे सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की अदालत ने 16 सितंबर को सभी दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी।
मामले में प्रमिला मोडियाम, सुमित्रा पुनेम, मुक्का मांडवी, मड़कामी देवा, कोसा कवासी, आयत मरकाम, बंजामी सेना, चैतू लेकाम, जोगा मड़कामी और महादेव नागा को दोषी ठहराया गया है। मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई शुरू हुई थी, लेकिन ट्रायल के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई थी।
एनआईए ने मामले में वर्ष 2015 में आरोपपत्र दाखिल किया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित