रांची , जुलाई 28 -- झारखण्ड में खनिज एवं औद्योगिक क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर यू.एस. इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन(डीएफसी) के प्रतिनिधिमंडल ने की चर्चा की।
यू.एस. इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन(डीएफसी) के क्षेत्रीय प्रबंध निदेशक (दक्षिण एशिया) जतिन बत्रा एवं बिजनेस डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट करिश्मा रोहरा ने आज राँची में झारखण्ड सरकार के खान एवं भूतत्त्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में खनिज एवं औद्योगिक क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
प्रतिनिधिमंडल का यह भ्रमण राज्य में विशेष रूप से क्रिटिकल मिनरल्स, खनिज अन्वेषण, खनिज प्रसंस्करण तथा खनिज आधारित उद्योगों में निवेश के अवसरों का आकलन करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने अरवा राजकमल, भा.प्र.से., सचिव, खान एवं भूतत्व विभाग तथा उद्योग विभाग, झारखण्ड सरकार से शिष्टाचार भेंट कर राज्य के खनिज क्षेत्र में उपलब्ध निवेश अवसरों, नीतिगत सुधारों एवं निवेश-अनुकूल वातावरण पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर राहुल कुमार सिन्हा, भा.प्र.से., निदेशक, खान एवं भूतत्व तथा विशाल सागर, भा.प्र.से., निदेशक, उद्योग भी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान झारखण्ड की समृद्ध खनिज संपदा, क्रिटिकल मिनरल्स के विकास की संभावनाओं, खनिज अन्वेषण, वैज्ञानिक एवं सतत् खनन, खनिज प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन तथा खनिज आधारित उद्योगों के विस्तार से संबंधित विषयों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। प्रतिनिधिमंडल को राज्य सरकार की औद्योगिक एवं निवेश संवर्धन नीति, निवेशकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत किए गए सुधारों तथा उद्योग स्थापना के लिए विकसित की गई निवेश-अनुकूल व्यवस्था की भी जानकारी दी गई। साथ ही, खनिज संसाधनों के मूल्य संवर्धन, डाउनस्ट्रीम उद्योगों के विकास तथा निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से भी अवगत कराया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने झारखण्ड में उपलब्ध निवेश अवरारों, प्रचुर खनिज संसाधनों एवं राज्य सरकार की निवेशोन्मुखी नीतियों की सराहना करते हुए खनिज एवं औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं में रुचि व्यक्त की। दोनों पक्षों ने पारस्परिक हित के विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया तथा प्रचलित नीतियों एवं विधिक प्रावधानों के अनुरूप भविष्य में सहयोग एवं निवेश की संभावनाओं का अन्वेषण करने पर सहमति व्यक्त की।
झारखण्ड सरकार राज्य के खनिज संसाधनों के पारदर्शी, उत्तरदायी एवं सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा खनिज आधारित औद्योगिकीकरण, निवेश संवर्धन, रोजगार सृजन एवं समावेशी आर्थिक विकास को गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
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