रांची , अप्रैल 13 -- झारखण्ड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े बहुचर्चित पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 159 आरोपियों को सोमवार को रांची सिविल कोर्ट में पेश किया गया।

सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पांच बसों से दोपहर 2:05 बजे कोर्ट परिसर लाया गया और करीब 4:10 बजे ए.जे.सी.-1 योगेश कुमार की अदालत में पेश किया गया। आरोपियों की पेशी 25-25 के समूह में कराई गई।

ज्ञातव्य है कि शनिवार रात पुलिस को सूचना मिली थी कि तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित एक अर्धनिर्मित भवन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जमा हैं। सूचना के आधार पर 11 अप्रैल की देर रात विशेष टीम ने छापेमारी की, जिसमें 166 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। छापेमारी के दौरान पुलिस को देखते ही कई लोग भागने लगे, लेकिन पुलिस ने 160 से अधिक आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में अंतरराज्यीय पेपर लीक गिरोह के पांच सरगना-अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद-भी शामिल हैं। इसके अलावा सात महिला आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है। जांच में सामने आया है कि गिरोह के एजेंट अभ्यर्थियों को रड़गांव में ठहराकर उन्हें प्रश्नों के उत्तर रटवा रहे थे।

इस दौरान अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड भी अपने कब्जे में रख लिए गए थे। बताया जा रहा है कि प्रत्येक अभ्यर्थी से लगभग 15 लाख रुपये में सौदा तय किया गया था। कुछ अभ्यर्थियों ने भुगतान के लिए बैंक चेक भी दिए थे।

इस संबंध में तमाड़ थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित