राँची , जून 16 -- झारखण्ड के सभी बीएलओ को वर्ष 2026 की वर्तमान मतदाता सूची के मौजूदा मतदाताओं का झारखण्ड की वर्ष 2003 की एसआईआर मतदाता सूची या अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की पिछली एसआईआर मतदाता सूची के साथ स्वयं (सेल्फ) और पैतृक (पेरेंटल) मैपिंग का पहला सत्र सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए हार्दिक बधाई।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य उन मतदाताओं की संख्या को सीमित करना है जिन्हें नोटिस और सत्यापन अवधि (5 अगस्त 2026 से 3 अक्टूबर 2026) के दौरान दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता होगी।

एक बीएलओ के रूप में लोकतंत्र के प्रति आपकी कड़ी मेहनत और समर्पण ने यह सुनिश्चित किया है कि झारखण्ड की 2026 की मतदाता सूची के 1.63 करोड़ मौजूदा मतदाताओं को वर्तमान एसआईआर प्रक्रिया में कोई भी दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इन मतदाताओं को प्रारूप एसआईआर मतदाता सूची और तत्पश्चात 2026 की अंतिम एसआईआर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए गणना (इन्यूमरेशन) अवधि के दौरान केवल विधिवत भरा हुआ और हस्ताक्षरित प्री-फिल्ड गणना फॉर्म तथा हालिया रंगीन तस्वीरें जमा करनी होंगी।

मैं समझता हूँ कि इस एसआईआर प्रक्रिया में कुछ हितधारकों द्वारा बीएलओ के सामने कुछ चुनौतियाँ पेश की जा रही हैं, लेकिन आपकी कड़ी मेहनत, समर्पण और चुनावी प्रक्रिया के आपके उत्कृष्ट ज्ञान के बल पर, आप सभी राष्ट्र की सेवा और भारत के उन साथी नागरिकों की सेवा में इन चुनौतियों पर विजय प्राप्त करेंगे जो मतदाता के रूप में पंजीकरण कराना चाहते हैं।

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने झारखण्ड के अपने दो दौरों के दौरान झारखण्ड के कई बीएलओ के साथ बातचीत की और चुनावी प्रक्रिया के संबंध में झारखण्ड के बीएलओ के ज्ञान और उनकी कड़ी मेहनत की भरपूर सराहना की।

मुख्य चुनाव आयुक्त श्री कुमार ने कई राष्ट्रीय मंचों पर कई अवसरों पर झारखण्ड के बीएलओ की क्षमता और ज्ञान की भी सराहना की है।

।।आने वाले तीन महीनों में एसआईआर प्रक्रिया के लिए आपके अधिकांश समय और कड़ी मेहनत की आवश्यकता हो सकती है, और इस चुनौतीपूर्ण कार्य में भारत निर्वाचन आयोग का पूरा परिवार आपके साथ मजबूती से खड़ा है।

मैं यह रिकॉर्ड पर लाना चाहता हूँ कि बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर 30 जून 2026 से औपचारिक रूप से एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही, आप में से हर एक ने यह दोबारा साबित कर दिया है कि झारखण्ड की 2026 की मतदाता सूची के 1.63 करोड़ मौजूदा मतदाताओं को कोई दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं है। यह प्रमाणित करता है कि एसआईआर प्रक्रिया मतदाताओं के अनुकूल है और भारत के पात्र नागरिकों के लिए बिल्कुल भी जटिल नहीं है।

झारखण्ड की 2026 की मतदाता सूची के शेष बचे अनमैप मौजूदा मतदाताओं के स्वयं और पैतृक मैपिंग का दूसरा और अंतिम सत्र गणना अवधि (30 जून 2026 से 29 जुलाई 2026) के दौरान आयोजित किया जाएगा।

अनमैप किए गए मतदाताओं से अनुरोध है कि यदि आप या आपके माता-पिता झारखण्ड के बाहर पिछली एसआईआर मतदाता सूची में मतदाता के रूप में पंजीकृत थे, तो गणना अवधि के दौरान बीएलओ के घर-घर दौरे के समय झारखण्ड या अन्य राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की 2003 की एसआईआर मतदाता सूची का विवरण बीएलओ को अवश्य उपलब्ध कराएं।

मतदाता, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि (उनके बीएलए-2 सहित) और चुनावी प्रक्रिया के अन्य हितधारक www.voters.eci.gov.in पर जाकर पिछले एसआईआर विवरण में अपना नाम आसानी से खोज सकते हैं।

मतदाताओं द्वारा दस्तावेजों को जमा करने की आवश्यकता को कम करने के लिए ही मौजूदा मतदाताओं की स्वयं और/या पैतृक मैपिंग की जा रही है।

इस प्रकार, 2026 की मतदाता सूची के केवल सीमित संख्या में मौजूदा मतदाताओं और झारखण्ड में मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के इच्छुक नए मतदाताओं को ही दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता होगी। जिन मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता है, उनकी सूची 5 अगस्त 2026 को या उसके बाद प्रत्येक मतदान केंद्र और सीईओ झारखण्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी, और उन्हें संबंधित ईआरओ द्वारा दस्तावेज जमा करने के लिए व्यक्तिगत नोटिस भी तामील किया जाएगा।

।।भारत के जो पात्र नागरिक 1 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, उनसे अनुरोध है कि वे भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रारूप में घोषणा पत्र और सहायक दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 जमा करें।

झारखण्ड में नए मतदाता के रूप में पंजीकरण करने के लिए, पिछले एसआईआर में माता-पिता के मतदाता पंजीकरण विवरण का उद्धरण पृष्ठ या स्वयं का विवरण (यदि कोई पात्र नागरिक 2003 के एसआईआर में पंजीकृत था लेकिन 2026 की मतदाता सूची में पंजीकृत नहीं है) माता-पिता या स्वयं के मामले में पर्याप्त दस्तावेज माना जाएगा। इसके अतिरिक्त जन्म तिथि और जन्म स्थान के आधार पर अन्य दस्तावेज मान्य होंगे।

मौजूदा मतदाताओं की स्वयं या पैतृक मैपिंग संबंधित मतदान केंद्र के बीएलओ द्वारा मतदाताओं या उनके परिवार के सदस्यों द्वारा ईसीआईनेट में बीएलओ ऐप के माध्यम से दी गई जानकारी के आधार पर की जा रही है। इसलिए, प्रवासी श्रमिकों, झारखण्ड से बाहर पढ़ रहे छात्रों या अस्थायी रूप से झारखण्ड से बाहर रह रहे अन्य लोगों को मैपिंग के उद्देश्य से बीएलओ के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की कोई आवश्यकता नहीं है।

।प्रवासी श्रमिकों, झारखण्ड से बाहर पढ़ रहे छात्रों आदि की ओर से परिवार के सदस्य के माध्यम से बीएलओ से संपर्क करके या ईसीआईनेट में उपलब्ध 'बुक-ए-कॉल' सुविधा या झारखण्ड के प्रत्येक घर में चिपकाए गए स्टिकर पर उल्लिखित बीएलओ के फोन नंबर के माध्यम से मैपिंग का कार्य किया जा सकता है।

इसी तरह, गणना फॉर्म पर भी प्रवासी श्रमिकों के परिवार के सदस्य द्वारा संबंध के प्रकार और नाम का उल्लेख करते हुए, ईसीआईनेट के माध्यम से ऑनलाइन या बीएलओ से इलेक्ट्रॉनिक रूप में व्यक्तिगत गणना फॉर्म प्राप्त करके हस्ताक्षर किए जा सकते हैं और वे हस्ताक्षरित गणना फॉर्म को इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यमों से बीएलओ को इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेज सकते हैं।

इस प्रकार, एसआईआर प्रक्रिया प्रवासी श्रमिकों, झारखण्ड से बाहर पढ़ रहे छात्रों आदि के लिए सुलभ एवं आसान एवं यूजर फ्रेंडली है।

एसआईआर प्रक्रिया में मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण तिथियां: गतिविधि / प्रक्रिया निर्धारित तिथि / अवधि बीएलओ द्वारा घर-घर का दौरा 30.06.2026 से 29.07.2026, प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 05.08.2026, दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि 05.08.2026 से 04.09.2026,नोटिस और सत्यापन की अवधि 05.08.2026 से 03.10.2026,अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 07.10.2026।

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