रांची , फरवरी 05 -- पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार के खजाने से Rs.10,000 करोड़ की राशि गायब होने की खबर पर बड़ा निशाना साधा।

श्री मरांडी ने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वित्त सचिव द्वारा सभी विभागों के सचिवों की बैठक बुलाकर विस्तृत हिसाब लिया जाए, लेकिन वित्त सचिव द्वारा मंत्री के आदेश का पालन करने के बजाय फाइल को मुख्य सचिव के पास भेज दिया गया, जहां वह पिछले तीन महीनों से लंबित पड़ी है। आखिर सरकार जांच से क्यों कतरा रही है?श्री मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तरह मुख्य सचिव भी जमीन घोटाले के आरोपों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में संदेह उठना स्वाभाविक है कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव द्वारा जानबूझकर मामले को दबाने या टालने का प्रयास किया जा रहा है।

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