रांची , अगस्त 9 -- झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विवाद और छात्र आंदोलन के बीच आयोग के तीन वरिष्ठ सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, डॉ. जमील अहमद और अनिमा हांसदा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
तीनों सदस्यों ने अपना त्यागपत्र राज्यपाल को भेज दिया है। एक दिन पूर्व ही जेपीएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रही जांच के सिलसिले में सीआईडी ने आयोग के तीनों सदस्यों को पूछताछ के लिए समन भेजा था। सोमवार को तीनों सदस्यों को सीआईडी के समक्ष पूछताछ के लिए उपस्थित होना था। इसी बीच तीनों के इस्तीफे की खबर सामने आने से आयोग के भीतर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
जिन सदस्यों ने इस्तीफा दिया है, उनमें अजीता भट्टाचार्य, डॉ. जमील अहमद और अनिमा हांसदा शामिल हैं। हालांकि, तीनों ने किन कारणों से अपने पद से इस्तीफा दिया है, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
जेपीएससी राज्य में विभिन्न प्रशासनिक एवं अन्य महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर नियुक्ति के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन करता है। ऐसे में आयोग के तीन वरिष्ठ सदस्यों का एक साथ पद छोड़ना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे आयोग की कार्यप्रणाली और आगामी परीक्षाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
ज्ञातव्य है कि जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद के बाद मामले की जांच सीआईडी कर रही है। इसी क्रम में आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से भी सीआईडी कई दौर में पूछताछ कर चुकी है। अब आयोग के तीन सदस्यों को पूछताछ के लिए समन भेजे जाने के बीच उनके इस्तीफे की खबर ने मामले को और चर्चा में ला दिया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित