रांची , फरवरी 27 -- झारखंड राज्य आवासीय बोर्ड ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी को नोटिस जारी किया है।

मामला हरमू हाउसिंग कॉलोनी स्थित उनके पहले आवास 'शौर्य' के उपयोग से जुड़ा है। बोर्ड का कहना है कि यह जमीन आवासीय उद्देश्य से आवंटित की गई थी, लेकिन वर्तमान में वहां व्यावसायिक गतिविधि-पैथोलॉजी लैब-संचालित की जा रही है, जो नियमों के विपरीत है।

वर्ष 2006 में तत्कालीन अर्जून मुंडा की सरकार के कार्यकाल में धौनी को 5 डिसमिल जमीन आवंटित की गई थी। बाद में उन्होंने पास की 5 डिसमिल अतिरिक्त जमीन खरीदकर यहां अपना पहला घर बनवाया और उसका नाम 'शौर्य' रखा। परिवार के साथ वे लंबे समय तक यहीं रहे। विदेश दौरों से लौटने पर फैंस की भीड़ घर के बाहर उमड़ती थी और धौनी बालकनी से अभिवादन करते नजर आते थे। हालांकि, बढ़ती भीड़ और ट्रैफिक समस्याओं के कारण 30 अप्रैल 2017 को परिवार सिमलिया स्थित नए फार्महाउस 'कैलाशपति' में शिफ्ट हो गया। उस समय धौनी राइजिंग पुणे सुपरजायंट के लिए आईपीएल में खेल रहे थे।

शिफ्टिंग के बाद 'शौर्य' खाली पड़ा था। बाद में इसे लीज पर देकर वहां पैथोलॉजी लैब शुरू की गई। बोर्ड का आरोप है कि आवासीय भूखंड पर व्यावसायिक गतिविधि नियमों का उल्लंघन है। नोटिस में कहा गया है कि यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो भूमि आवंटन रद्द करने की सिफारिश की जाएगी।

धौनी फिलहाल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन व्यावसायिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। सिमलिया स्थित फार्महाउस में ऑर्गेनिक खेती, पोल्ट्री और मछली पालन के अलावा वे खेल और फिटनेस से जुड़े उपक्रमों में भी निवेश कर चुके हैं। अब सबकी नजर उनके जवाब और बोर्ड की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

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