रांची , मार्च 25 -- झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के प्रस्तावित बिजली दरों में भारी वृद्धि को लेकर चली सुनवाई के बाद झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6.12% बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।
यह नई दरें एक अप्रैल 2026 से लागू होंगी। आयोग के अध्यक्ष नवनीत कुमार ने आज यहां बताया कि शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर में 55 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। अब उन्हें Rs.6.85 के बजाय Rs.7.40 प्रति यूनिट चुकाने होंगे। वहीं ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है, जिससे दर Rs.6.70 से बढ़कर Rs.7.20 प्रति यूनिट हो जाएगी।
घरेलू उपभोक्ताओं के एचडी (हाई डिमांड) श्रेणी में भी वृद्धि की गई है। यहां 6.40 रुपये प्रति यूनिट की जगह 60 पैसे बढ़ाकर 7.20 रुपये प्रति यूनिट कर दिया गया है।
कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए भी दरों में इजाफा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में 5 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं को अब Rs.6.20 के बजाय Rs.6.70 प्रति यूनिट देना होगा। वहीं शहरी क्षेत्रों में ऐसे उपभोक्ताओं के लिए दर Rs.6.70 से बढ़ाकर Rs.7.30 प्रति यूनिट कर दी गई है। इसके अलावा मॉल, दुकान, अस्पताल आदि के लिए नया एचडी टैरिफ 8 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है।
हालांकि, कृषि उपभोक्ताओं को राहत देते हुए उनके टैरिफ में कोई वृद्धि नहीं की गई है। ग्रीन एनर्जी टैरिफ के लिए 0.95 रुपये प्रति यूनिट की मंजूरी दी गई है। उपभोक्ताओं को 5 दिनों के भीतर बिल भुगतान करने पर 2% की छूट मिलेगी।
रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए आयोग ने ग्रॉस मीटरिंग के तहत Rs.4.16 प्रति यूनिट और नेट मीटरिंग के तहत Rs.3.80 प्रति यूनिट की दर तय की है। वहीं प्रीपेड मीटर अपनाने वाले उपभोक्ताओं को ऊर्जा शुल्क पर 3% की छूट दी जाएगी और एक महीने के भीतर सुरक्षा जमा राशि वापस की जाएगी।
वित्तीय मामलों में आयोग ने जेबीवीएनएल के कई दावों में कटौती की है। वर्ष 2024-25 के लिए 10725.26 करोड़ रुपये के एआरआर क्लेम के मुकाबले 7894.55 करोड़ रुपये को ही मंजूरी दी गई। इसी तरह 2025-26 के लिए 11411.08 करोड़ के मुकाबले 8261.21 करोड़ और 2026-27 के लिए 12678.17 करोड़ के मुकाबले 10832.70 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इसके अलावा, आयोग ने जेबीवीएनएल के लिए 13% डिस्ट्रीब्यूशन लॉस को भी मंजूरी दी है। नई दरों के लागू होने के बाद राज्य के लाखों उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित