रांची , सितंबर 01 -- झारखंड में मानसून की सक्रियता के बीच सोमवार सुबह से राजधानी रांची में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कहीं घरों में पानी घुस गया है तो कहीं पुल-पुलियों के ऊपर से पानी का तेज बहाव देखने को मिल रहा है। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
कोल्हान प्रमंडल के जमशेदपुर, चाईबासा और चक्रधरपुर समेत आसपास के इलाकों में मेघ गर्जन के साथ बारिश का दौर जारी है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी तटीय और निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया है। सुवर्णरेखा बहुद्देशीय परियोजना के जिला नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार खरकई और सुवर्णरेखा नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर बना रह सकता है।
खरकई नदी पर बने गाजिया बैराज के सभी 14 फाटक 15-15 मीटर तक खोल दिए गए हैं। बैराज से 2,266 क्यूमेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। वहीं मयूरभंज के ब्यांगविल डैम के दो फाटकों से 70 क्यूमेक और खरकई डैम के एक फाटक से 20 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। सुवर्णरेखा नदी पर बने चांडिल डैम के 18 गेट भी खोल दिए गए हैं। इससे 737.72 क्यूमेक पानी नीचे की ओर छोड़ा जा रहा है।
पलामू जिले में लगातार बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद सोन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हुसैनाबाद अनुमंडल के मोहम्मदगंज से दंगवार तक तटीय इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। लोगों के नदी में जाने पर रोक लगा दी गई है। ग्रामीणों को परिवार के सदस्यों और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी जा रही है। तटीय गांवों में माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। सीओ, बीडीओ और पुलिस अधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है।
रामगढ़ के रजरप्पा में भी लगातार बारिश के कारण भैरवी और दामोदर नदियां उफान पर हैं। इससे आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
मौसम केंद्र के अनुसार मंगलवार को राज्य के लगभग सभी हिस्सों में बादल छाए रहने और हल्के से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वहीं रांची, खूंटी, चतरा और सरायकेला-खरसावां में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में भारी बारिश के साथ वज्रपात और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
दो सितंबर को भी गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम समेत कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। तीन सितंबर से बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है, हालांकि गरज, वज्रपात और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।
पिछले 24 घंटे में लातेहार के महुआडांड़ में सबसे अधिक 171 मिमी बारिश दर्ज की गई। बोकारो में अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री और लातेहार में न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
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