रांची , अक्टूबर 09 -- झारखंड में चिकित्सकों की कमी दूर करने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य सरकार बड़े पैमाने पर डॉक्टरों की बहाली करने जा रही है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शुक्रवार को पत्रकारों के साथ आयोजित आपात पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में 306 सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और 200 मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर इन पदों को भरने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री डॉ अंसारी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल डॉक्टरों की नियुक्ति करना नहीं, बल्कि उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाकर आम लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इन चिकित्सकों की सेवाएं गांवों में भी सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि ग्रामीण आबादी को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए शहरों की ओर न भागना पड़े।
डॉ. अंसारी ने बताया कि राज्य में चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए 1200 अतिरिक्त डॉक्टरों की नियुक्ति की भी योजना है। इसके लिए दक्षिण भारत से चिकित्सकों को झारखंड लाने की पहल की जा रही है। इस दिशा में दो टीमें गठित की गई हैं। पहली टीम की अध्यक्षता विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा करेंगी, जबकि दूसरी टीम का नेतृत्व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अभियान निदेशक करेंगे।
डॉ. अंसारी ने कहा कि दोनों टीमें दक्षिण भारत जाकर चिकित्सकों की उपलब्धता और नियुक्ति की संभावनाओं पर काम करेंगी। उन्होंने बताया कि झारखंड में चिकित्सकों को प्रतिमाह दो से तीन लाख रुपये तक का पारिश्रमिक देने की योजना है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से राज्य में डॉक्टरों की कमी काफी हद तक दूर होगी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
उन्होंने बताया कि एनएचएम के माध्यम से 306 सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और 200 मेडिकल ऑफिसरों की बहाली की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है, जबकि 1200 अतिरिक्त डॉक्टरों की नियुक्ति झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के माध्यम से की जाएगी।
मंत्री डॉ. अंसारी ने कहा कि डॉक्टरों और नर्सों की कमी के कारण कई अस्पतालों का संचालन प्रभावित है। सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए अस्पतालों को सुचारु रूप से कैसे चलाया जाए। चिकित्सकों की नियुक्ति से बंद पड़े या प्रभावित स्वास्थ्य संस्थानों को दोबारा संचालित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि 306 डॉक्टरों की नियुक्ति राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। सरकार की प्राथमिकता है कि लोगों को उनके नजदीक ही बेहतर इलाज उपलब्ध हो और ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का विस्तार हो सके।
डॉ. अंसारी ने आम लोगों से डॉक्टरों का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि चिकित्सक समाज के लिए महत्वपूर्ण सेवा प्रदान करते हैं और उनके काम को सम्मान मिलना चाहिए। मंत्री ने कहा कि डॉक्टर सम्मान के भूखे होते हैं और सम्मान नहीं मिलने की स्थिति में कई चिकित्सक अपने काम से विमुख हो जाते हैं। उन्होंने लोगों से चिकित्सकों के प्रति सकारात्मक व्यवहार अपनाने का आग्रह किया।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों की संभावित हड़ताल पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से दीपावली तक हड़ताल टालने का अनुरोध किया गया था। लेकिन समाचार पत्रों के माध्यम से फिर से हड़ताल की तैयारी की जानकारी सामने आ रही है।
मंत्री डॉ. अंसारी ने कर्मचारियों से हड़ताल नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उनकी समस्याओं और मांगों को सुनने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा, ताकि एंबुलेंस सेवा बाधित न हो और मरीजों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
मंत्री ने बताया कि रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की गवर्निंग बॉडी की बैठक 15 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। उन्होंने इस बैठक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसमें संस्थान के कामकाज की समीक्षा की जाएगी।
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