रांची , मई 15 -- झारखंड के भारत सरकार ने दो प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस एवं पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) सीटों में बड़ी वृद्धि को मंजूरी प्रदान कर दी है।
यह निर्णय झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत माना जा रहा है। इससे राज्य में मेडिकल शिक्षा को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी तथा आने वाले वर्षों में डॉक्टरों की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।
जिन मेडिकल कॉलेजों को मिली स्वीकृति उनमें एमजीएम मेडिकल कॉलेज और शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज और अस्पताल शामिल है। शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, धनबाद में वर्तमान 100 एमबीबीएस सीटों को बढ़ाकर 250 कर दिया गया है। यानी कुल 150 नई सीटों की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। इसके अलावा एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में भी सीट विस्तार को स्वीकृति प्रदान की गई है।
भारत सरकार द्वारा इस योजना के तहत एमबीबीएस सीट विस्तार के लिए Rs.225 करोड़ की मंजूरी दी गई है जिसमें Rs.135 करोड़ केंद्र सरकार की हिस्सेदारी होगी। विभिन्न विभागों में पीजी सीटों की भी स्वीकृति दी गई है, जिससे राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या तेजी से बढ़ेगीस्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा "झारखंड लंबे समय से डॉक्टरों की भारी कमी से जूझ रहा था। मेडिकल सीटें सीमित होने के कारण राज्य के छात्रों को बाहर जाना पड़ता था। हमारा संकल्प था कि झारखंड के अधिक से अधिक बच्चे डॉक्टर बनें और अपने राज्य में रहकर लोगों की सेवा करें। आज वह सपना साकार हो रहा है।" उन्होंने आगे कहा "अगर ईमानदारी, मेहनत और मजबूत इरादे के साथ काम किया जाए तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम, अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।"डॉ. अंसारी ने कहा कि सीटों में वृद्धि का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण एवं दूरदराज इलाकों को मिलेगा। आने वाले वर्षों में अधिक संख्या में डॉक्टर तैयार होंगे, जिससे गांवों तक बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकेंगी।
डॉ. अंसारी ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह सहित पूरी विभागीय टीम को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के साथ लगातार समन्वय, तकनीकी तैयारी और गंभीर प्रयासों के कारण यह बड़ी सफलता संभव हो सकी। यह निर्णय आने वाले समय में झारखंड को मेडिकल शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा करेगा।
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