गिरिडीह , जुलाई 16 -- झारखंड के गिरिडीह जिले में पारसनाथ की तराई में बसे मधुबन पंचायत के दुर्गम गांवों में वर्षों से चली आ रही सड़क की समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

मरीजों को खाट पर लादकर अस्पताल पहुंचाने की मजबूरी के बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फास्ट ट्रैक पर कार्रवाई की।

यह कार्रवाई मंत्री सुदिव्य कुमार के निर्देश पर सड़क निर्माण की योजना तैयार की गई और अब उसे स्वीकृति भी मिल गई है। गुरुवार को उपायुक्त रामनिवास यादव स्वयं दलुआडीह गांव पहुंचे और ग्रामीणों को स्वीकृति पत्र सौंपा।

उपायुक्त ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर बताया कि मधुबन पंचायत के 10-12 टोले सड़क सुविधा से वंचित हैं। हाल के दिनों में मरीजों को खाट पर अस्पताल ले जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद सरकार ने तत्काल पहल की। इसके तहत करीब 1.28 करोड़ रुपये की लागत से दो पीसीसी सड़क योजनाओं को मंजूरी दी गई है।

पहली योजना पिपराडीह से दलुआडीह तक पीसीसी सड़क एवं पुलिया निर्माण की है, जिसकी लागत 88.62 लाख रुपये है। वहीं दूसरी योजना कोठटांड़ से वाइल्ड लाइफ सीमा तक पीसीसी सड़क निर्माण की है, जिस पर 39.57 लाख रुपये खर्च होंगे। दोनों योजनाओं का निर्माण कार्य एनईआरपी के माध्यम से कराया जाएगा। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण शुरू किया जाएगा।

स्वीकृति पत्र मिलने के बाद ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, मंत्री सुदिव्य कुमार और उपायुक्त रामनिवास यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क बनने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने की वर्षों पुरानी समस्या भी काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।

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