रांची , सितंबर 16 -- राजधानी रांची में एचईसी की जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची जिला प्रशासन की टीम को बुधवार को बस्तीवासियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।

हरमू बाईपास रोड इलाके में दर्जनों जेसीबी और बुलडोजर के साथ प्रशासन की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी। कार्रवाई शुरू होने से पहले ही बस्ती के लोग मशीनों के सामने आ गए और विरोध करने लगे। देखते ही देखते कई लोग जेसीबी पर चढ़कर बैठ गए, जिसके कारण अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रोकनी पड़ी।

बस्तीवासियों का कहना है कि वे पिछले करीब 60 वर्षों से यहां रह रहे हैं। अचानक घरों को तोड़े जाने की कार्रवाई से उनके सामने आवास का संकट खड़ा हो जाएगा। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि अतिक्रमण हटाने से पहले प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक अथवा स्थायी आवास की व्यवस्था की जाए।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि बस्ती में छोटे बच्चों के अलावा बुजुर्ग भी रहते हैं। ऐसे में घर टूटने के बाद उनके सामने रहने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाएगी। लोगों ने सवाल उठाया कि बिना पुनर्वास की व्यवस्था के घरों को तोड़ने के बाद प्रभावित परिवार कहां जाएंगे। बस्तीवासियों का आरोप है कि पहले प्रशासन की ओर से बस्ती नहीं तोड़ने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में दोबारा जेसीबी और बुलडोजर के साथ कार्रवाई शुरू कर दी गई।

विरोध को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिला प्रशासन के आदेश के तहत एचईसी की जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, एचईसी की जमीन पर जो भी निर्माण अतिक्रमण की श्रेणी में आता है, उसे आदेश के अनुसार हटाया जाएगा।

वहीं, बस्तीवासियों ने वर्षों से यहां रह रहे परिवारों के पुनर्वास की मांग को लेकर विरोध जारी रखा। उनका कहना है कि पहले रहने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और इसके बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए। फिलहाल लोगों के जेसीबी को घेरकर बैठ जाने से अभियान प्रभावित हुआ है और प्रशासन तथा बस्तीवासियों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।

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