रांची , फरवरी 24 -- झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार द्वारा आज विधानसभा में प्रस्तुत किया गया बजट को पूरी तरह निराशाजनक, जनविरोधी और विकास विरोधी बताया।
श्री मरांडी ने कहा कि राज्य की जनता को बड़ी उम्मीदें थीं कि यह बजट महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा-स्वास्थ्य जैसी बदहाल बुनियादी ढांचे और समस्याओं का ठोस समाधान देगा, लेकिन सरकार ने केवल हवा-हवाई घोषणाओं का सहारा लिया है।
श्री मरांडी ने कहा कि गरीब, किसान, महिला, छात्र, युवा, समाज का हर वर्ग इस बजट से खुद को उपेक्षित और ठगा हुआ महसूस कर रहा है। सरकार की दिशाहीनता और विभागों के बीच सामंजस्य का अभाव इस बजट में साफ झलकता है।
वहीं पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने कहा कि झारखंड सरकार का वित्तीय वर्ष 2026-27 का अबुआ बजट पूरी तरह निराशाजनक और दिशाहीन है। राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट आम जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेरने वाला है। यह बजट वित्तीय प्रबंधन की विफलता का दस्तावेज़ प्रतीत होता है। सरकार न तो राजस्व सृजन की स्पष्ट रणनीति दे पाई, न ही विकास की ठोस दिशा दिखा सकी।
उन्होंने कहा कि इस बजट से युवाओं, छात्रों, बुजुर्गों, महिलाओं को काफी उम्मीद थी। लेकिन सरकार ने बेरोजगार युवाओं के लिए कुछ नहीं किया, युवा सशक्तिकरण के लिए कोई ठोस योजना नहीं है, छात्रों के लिए न नई छात्रवृत्ति, न अवसर दिए गए है, अनुबंधकर्मियों के भविष्य पर कोई विचार नही किया गया है।
श्री बाउरी ने कहा कि किसानों के लिए कोई राहत या विशेष प्रावधान नहीं किया गया है, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर ठोस पहल का अभाव इस बजट में है, वृद्ध एवं दिव्यांगजन की पेंशन में कोई वृद्धि नहीं है। कुल मिला कर कहा जा सकता है कि यह बजट राज्य के भविष्य के साथ अन्याय है।
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