हजारीबाग , अगस्त 27 -- झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन को खोजकर उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने में बड़ी सफलता हासिल की है।
बुधवार को केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (सीईआईआर) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से बरामद किए गए कुल 65 मोबाइल फोन उनके वास्तविक धारकों को पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने पुलिस कार्यालय हजारीबाग में अपने हाथों से सौंपे।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने आज प्रेस वार्ता कर सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में गुम हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए तकनीकी माध्यमों का उपयोग किया गया। सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर मोबाइल फोन को खोजकर बरामद किया गया और आवश्यक सत्यापन के बाद उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया।
मोबाइल फोन पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कई लोगों को उम्मीद नहीं थी कि उनका गुम हुआ मोबाइल दोबारा वापस मिल सकेगा। लोगों ने हजारीबाग पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए पुलिस अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने बरामद सभी मोबाइल फोन को वास्तविक धारकों के बीच अपने हाथों से वितरित किया।
उन्होंने कहा कि आमजनों की संपत्ति की सुरक्षा और उनकी समस्याओं का समाधान पुलिस की प्राथमिकता है। गुम हुए मोबाइल फोन की शिकायत मिलने पर तकनीकी माध्यमों से उसे खोजने का लगातार प्रयास किया जाता है।
इस वितरण कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक अभियान, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, तकनीकी शाखा के पुलिस पदाधिकारी एवं अन्य पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।
सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज आमजनों के गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में जिले के सभी थाना प्रभारियों की भूमिका भी सराहनीय रही। थानों की सक्रियता, तकनीकी शाखा के सहयोग और पुलिस अधिकारियों के समन्वित प्रयास से कुल 65 मोबाइल फोन बरामद किए जा सके।
हजारीबाग पुलिस ने आमजनों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में संबंधित थाने में सूचना देने के साथ-साथ सीईआईआर पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराएं। इससे मोबाइल फोन को तकनीकी माध्यम से खोजने और उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाने में सहायता मिलती है।
गुम हुए मोबाइल फोन को बरामद कर वास्तविक मालिकों को सौंपने की हजारीबाग पुलिस की यह पहल न केवल तकनीकी दक्षता का उदाहरण है, बल्कि आमजनों के प्रति पुलिस की संवेदनशीलता और सेवा भाव को भी दर्शाती है।
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