लातेहार , जुलाई 10 -- झारखंड के लातेहार जिले के सदर थाना क्षेत्र के आरागुंडी गांव में डीवीसी तुबेद कोल परियोजना से कोयला परिवहन के लिए प्रस्तावित रेलवे लाइन के सर्वे को लेकर शुक्रवार को जमकर बवाल हो गया।

सर्वे करने पहुंची टीम को ग्रामीणों ने करीब एक घंटे तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान गांव दो गुटों में बंट गया और देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चले, जिसमें ग्राम प्रधान पीतांबर यादव और सुरेंद्र उरांव घायल हो गए।

सूचना मिलने पर लातेहार पुलिस मौके पर पहुंचकर सर्वे टीम को सुरक्षित बाहर निकाला। हालात को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। ग्रामीणों के अनुसार, सर्वे टीम बिना पूर्व सूचना और ग्रामसभा की अनुमति के गांव पहुंची थी। विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पारंपरिक पड़हा राजा व्यवस्था लागू है और ग्रामसभा की स्वीकृति के बिना किसी भी प्रकार का सर्वे या ड्रोन से मापी नहीं होने दी जाएगी।

उनका आरोप है कि प्रशासन और संबंधित एजेंसी ने स्थानीय लोगों को विश्वास में लिए बिना सर्वे शुरू करने का प्रयास किया, जिसके कारण विवाद उत्पन्न हुआ।

वहीं ग्रामीण समर्थन और विरोध में दो गुट में बंट गए।

रेलवे लाइन के समर्थन में खड़े नंदकिशोर यादव, जितेंद्र यादव, पीतांबर यादव समेत अन्य ग्रामीणों ने कहा कि फिलहाल केवल प्रारंभिक सर्वे का कार्य किया जा रहा है। उनका कहना है कि सर्वे पूरा होने दिया जाना चाहिए और आगे की प्रक्रिया गांव के सभी लोगों की सहमति से तय की जाएगी।

वहीं विरोध कर रहे सुरेंद्र उरांव, शिवनाथ उरांव, विजय उरांव, जीतन उरांव, मंगलदेव उरांव, उर्मिला देवी, राजेश उरांव और सरिता सेवी समेत अन्य ग्रामीणों ने दोहराया कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना किसी भी कीमत पर सर्वे नहीं होने दिया जाएगा।

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