बोकारो , अक्टूबर 12 -- झारखंड के बोकारो में स्थापित भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) की इकाई बोकारो स्टील लिमिटेड (बीएसएल )संयंत्र के विस्तारीकरण के लिए लगभग 20,000 करोड़ रुपये का निवेश रोजगार, आधारभूत संरचना और औद्योगिक प्रगति के नए द्वार खोलने जा रहा है।
आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि बोकारो स्टील प्लांट के विस्तारीकरण से सम्बंधित कई टेंडर निकल चुके और कई निकलने वाले हैं। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, बल्कि विस्थापित युवाओं के लिए भी रोजगार और आत्मनिर्भरता के बेहतर अवसर सृजित होंगे। अप्रेंटिस प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके युवाओं को भी संयंत्र में जल्द से जल्द समायोजित होने में सहायता मिलेगी। यह निवेश पूरे क्षेत्र के लिए अभूतपूर्व विकास का आधार बन सकता है। प्लांट के विस्तारीकरण से विस्थापितों के लिए ऐसे अन्य कल्याणकारी पहलों में भी और बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है।
बोकारो स्टील लिमिटेड प्रबंधन ने कहा है कि भारत सरकार के स्वामित्व वाली सेल की प्रमुख इकाई बोकारो स्टील प्लांट केवल एक औद्योगिक प्रतिष्ठान नहीं, बल्कि पूरे बोकारो स्टील सिटी और आसपास के क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है। यह संयंत्र 20 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष तथा बड़ी संख्या में अन्य लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराता है। छोटे व्यवसायों की आजीविका, शिक्षा-स्वास्थ्य जैसी सामाजिक व्यवस्थाएं और क्षेत्रीय विकास ये सब इस संयंत्र की स्थिरता और सतत उत्पादन पर निर्भर हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि इस संयंत्र की भूमिका केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां निर्मित इस्पात देश की प्रमुख आधारभूत परियोजनाओं से लेकर भारतीय नौसेना के युद्धपोतों तक में उपयोग होता है, जो राष्ट्र की आर्थिक और सामरिक शक्ति को सुदृढ़ करता है।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पूर्व में हुए अवरोध और हिंसक विरोध से उत्पादन, वित्तीय प्रदर्शन और विस्तार योजनाएं गंभीर रूप से प्रभावित हुई थीं, जिससे विकास की रफ्तार थम गई थी। ऐसी घटनाएं बोकारो को आगे बढ़ाने के बजाय वर्षों पीछे धकेल देती हैं। बड़ी कठिनाइयों और अथक प्रयासों के बाद ही निवेश और औद्योगिक विश्वास को पुनः स्थापित किया जा सका है।
इसलिए ऐसे समय में, जब बोकारो में परिस्थितियाँ पुनः सामान्य हो रही हैं और विकास की रफ्तार फिर से पटरी पर लौट रही है, यहाँ के आद्योगिक-सामाजिक वातावरण में किसी भी समूह द्वारा फिर से अस्थिरता पैदा करना दुर्भाग्यपूर्ण होगा क्योंकि किसी भी प्रकार का आंदोलन यदि संयंत्र के संचालन को बाधित करता है, तो उसका प्रभाव केवल प्रबंधन या कंपनी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि एक बड़े जन समुदाय को प्रभावित करता है। ऐसे अवरोध से न केवल बोकारो बल्कि अपने प्रदेश झारखण्ड और यहाँ तक कि राष्ट्र के औद्योगिक विकास और प्रदेश में निवेश के माहौल को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।
बीएसएल उपलब्ध सभी अप्रेन्टिसों के संवेदकों द्वारा संयंत्र के कार्य में प्राथमिकता में नियोजन करने को प्रतिबद्ध है। उपलब्ध 950 अप्रेन्टिसों की सूचि में 204 अप्रेन्टिसों को 03 अक्टूबर तक संयंत्र में कुशल कामगार के तौर पर संविदा नियोजन दिया जा चुका है। वहीं 50 से ज्यादा और युवा अप्रेंटिस आज की तारीख में सुरक्षा प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात संविदा के आधार पर नियोजन पाने की प्रक्रिया में है। इसके अलावा बीएसएल के विस्तारीकरण और अन्य सभी प्रोजेक्ट्स में आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से कुल मैनपावर का 10% विस्थापितों के लिए आरक्षित कर दिया गया है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण और रचनात्मक विरोध सभी का अधिकार है। परंतु यह भी उतना ही आवश्यक है कि विरोध का स्वरूप ऐसा हो, जिससे औद्योगिक माहौल, निवेश और रोजगार प्रभावित न हों। संवाद, सहयोग और आपसी समझ ही स्थायी समाधान का मार्ग हैं, टकराव नहीं। संयंत्र प्रबंधन ने भी क्षेत्र की जनता खासकर विस्थापित समूहों और युवाओं के कई मुद्दों पर सकारात्मक पहल करते हुए उनके कल्याण के लिए कई कदम उठायें है। इस सम्बन्ध में जिला प्रशासन के साथ त्रि-पक्षीय वार्ता हो या अप्रेंटिस संघ के साथ सीधी वार्ता में किये गए वादों पर बीएसएल प्रबंधन पूरी तरह गंभीर और प्रतिबद्ध है।
बोकारो इस्पात संयंत्र एक थर्मो-सेंसिटिव प्लांट है, जहाँ संवेदनशील गैस पाइपलाइनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे तीनों पालियों में कर्मी तत्पर रहते हैं। गेट जाम अथवा किसी अन्य कारण से परिचालन में व्यवधान उत्पन्न होने पर इन महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्थाओं के प्रभावित होने की आशंका रहती है, जिससे संयंत्र ही नहीं, बल्कि एक व्यापक जन-समुदाय की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है।
बोकारो स्टील प्लांट केवल एक औद्योगिक प्रतिष्ठान नहीं, बल्कि इस शहर की अर्थव्यवस्था, रोजगार और खुशहाली का आधार है। अतः सभी संगठनों एवं हितधारकों से पुनः अपील है कि संयंत्र के निर्बाध संचालन, शहर की शांति और सुरक्षा बनाए रखने में सहयोग करें।
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