बोकारो , जुलाई 20 -- झारखंड के बोकारो में स्थापित भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) की ईकाई बोकारो स्टील लिमिटेड (बीएसएल) में कार्यरत विस्थापित समुदाय के सहायक कर्मचारी 53 वर्षीय सुभाष चंद्र मोदी का दुखद निधन रांची के मेडिका अस्पताल में इलाज के दौरान होने के बाद परिजन नौकरी व मुआवजा की मांग कर रहे हैं।
परिवार के लोग उनकी मृत्यु का जिम्मेदार प्रबंधन को ठहराते हुए दावा किया है कि घटना ड्यूटी के दौरान हुई थी और बाद में इलाज के दौरान उनकी हालत बिगड़ने पर उनका निधन हुआ। परिवार की रिपोर्ट के अनुसार विगत 30 अप्रैल को ड्यूटी के दौरान सुभाष अचानक बेहोश हो गए और गिर पड़े। उनके साथ कार्यरत साथी तुरंत उनकी मदद के लिए आए और प्लांट के अंदर प्राथमिक उपचार करवा कर उन्हें बोकारो जेनरल हॉस्पिटल(बीजीएच) में भर्ती कराया गया।
बीजीएच के डॉक्टरों ने बेहतर उपचार के लिए उन्हें कोलकाता के अपोलो अस्पताल रेफर किया। कोलकाता में कुछ दिनों के इलाज के बाद सुभाष को वापस बीजीएच लाया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकीय सलाह पर उन्हें रांची के मेडिका अस्पताल में दाखिल कराया गया था, जहाँ 17 जुलाई को उनका देहांत हो गया।
मृतक के परिजन ने आरोप लगाया है कि घटना कार्यस्थल पर हुई और इलाज के दौरान उनकी जान गई, इसलिए बीएसएल प्रबंधन पर उत्तरदायित्व बनता है। परिवार का कहना है कि कंपनी उन्हें नौकरी दे या वैकल्पिक मुआवजे तथा अन्य सामाजिक-आर्थिक मदद उपलब्ध कराए। परिजनों ने शव को बीजीएच में रखवा दिया है और मामले के न्यायसंगत समाधान की मांग कर रहे हैं।
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