बोकारो , अक्टूबर 23 -- झारखंड के बोकारो में पुलिस ने ड्रग्स पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष टीम गठित की है।
आधिकारिक सूत्रों में आज यहां बताया कि झारखंड में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ बढ़ती कार्रवाई के बीच बोकारो पुलिस भी सतर्क हो गयी है। रांची और जमशेदपुर में कोकीन व एमडीएमए जैसे सिंथेटिक ड्रग्स की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जिले में संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ायी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने और मादक पदार्थों की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए जांच के साथ जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। एसपी नाथू सिंह मीणा के निर्देश पर गठित विशेष टीम मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े संदिग्ध लोगों और गतिविधियों पर नजर रख रही है। हालांकि, फिलहाल बोकारो में संगठित सिंथेटिक ड्रग्स नेटवर्क की मौजूदगी की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस शिकायतों की जांच के साथ स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर नशे के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक कर रही है। बोकारो पुलिस की ओर से युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
चास एएसपी वेदांत शंकर, मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार, सिटी डीएसपी राजीव रंजन, ट्रैफिक डीएसपी अजय प्रसाद और बेरमो एसडीपीओ रवींद्र सिंह समेत अन्य वरीय पुलिस अधिकारी अपने स्तर से अभियान चला रहे हैं।
पुलिस का जोर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के साथ मादक पदार्थों की अवैध बिक्री से जुड़ी शिकायतों की जांच पर भी है। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बोकारो में औद्योगिक प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक संस्थानों और अलग-अलग क्षेत्रों से आकर बसे लोगों की बड़ी आबादी है। ऐसे में युवाओं को नशे की लत से बचाना और मादक पदार्थों की अवैध बिक्री पर रोक लगाना पुलिस के लिए अहम चुनौती है।
पूर्व सिटी डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में शहरी क्षेत्र में चलाए गए अभियानों के दौरान गांजे की कई खेप बरामद की गयी थीं। पुलिस ने ओडिशा से बोकारो के रास्ते बिहार तक गांजे की तस्करी से जुड़े मामलों का भी खुलासा किया था।
रांची और जमशेदपुर में सिंथेटिक ड्रग्स की बरामदगी के बाद मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के आपसी संपर्कों और संभावित नेटवर्क की जांच का महत्व भी बढ़ गया है। हालांकि, बोकारो में ऐसे किसी संगठित नेटवर्क की मौजूदगी की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार, 14 और 15 अक्टूबर को रांची रेलवे स्टेशन रोड के पास एक कार की तलाशी के दौरान कोकीन और एमडीएमए बरामद किया गया था। इस मामले में रजत जैन और उदित कुमार समेत छह लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आयी है. जिम्मी को कथित तौर पर गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
जांच में गोवा के अलावा थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका तक संपर्कों के संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। बताया गया है कि नेटवर्क रांची के कुछ होटलों, क्लबों और निजी पार्टियों में नशीले पदार्थों की आपूर्ति करता था। इन मामलों के सामने आने के बाद बोकारो पुलिस भी सतर्कता बरत रही है.बोकारो के एसपी नाथू सिंह मीणा ने कहा कि जिले में संगठित सिंथेटिक ड्रग्स नेटवर्क की मौजूदगी की फिलहाल पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस सतर्कता के साथ जांच अभियान चला रही है और बोकारो को नशामुक्त बनाने के लिए युवाओं को जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि कहीं भी मादक पदार्थों की बिक्री या अन्य संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले, तो पुलिस को सूचित करें। सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
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