बोकारो , मई 06 -- झारखंड में बोकारो जिले के चीराचास थाना में पदस्थापित तीन पुलिस कर्मी को कर्त्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप मे बोकारो के पुलिस अधीक्षक ने उन्हें निलंबित कर दिया है।

पुलिस सूत्रों ने आज यहां बताया कि विगत पांच मई को चिराचास थाना से जुड़ा एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था, जिसमें पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीना ने चास के एसडीपीओ प्रवीण कुमार सिंह को जांच का आदेश देते हुए रिपोर्ट तलब की थी।

एसडीपीओ की जाँच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि चार मई की शाम चीराचास थाना क्षेत्र स्थित वीणा रिजेंसी के सामने हर्ष पाण्डेय और उनके सहयोगियों द्वारा एक मामले के प्राथमिकी अभियुक्त आरिफ अंसारी नामक युवक की गंभीर रूप से पिटाई की गई थी, जिसमें वो बुरी तरह घायल हुआ था।

एसडीपीओ ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि घायल को अविलंब अस्पताल पहुंचना पुलिस का प्रथम कर्तव्य था, परन्तु ऐसा नहीं करके घायल को उसी अवस्था में थाने लाकर हाजत के बंद कर दिया गया। जिसे जांच टीम ने लापरवाही मानते हुए इसे पुलिस की छवि को धूमिल करने वाला बताया है।

वायरल होते वीडियो के साफ देखा गया कि सहायक अवर निरीक्षक संजय कुमार मंडल थाना कार्यालय परिसर में अनुचित परिधान के मौजूद थे, जो थाना प्रभारी की निगरानी ओर नियंत्रण पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करनेवाला है।

पुलिस अधीक्षक ने पूरे मामले में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप को सही मानते हुए चिराचास थाना प्रभारी पुष्पराज कुमार, अवर निरीक्षक राजेश कुमार तथा सहायक अवर निरीक्षक संजय कुमार मंडल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए सभी को साधारण जीवनयापन भत्ता पर जाने का निर्देश दिया है। पुलिस अधीक्षक के इस करवाई से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित