रांची , सितंबर 23 -- झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अनुमंडल अंतर्गत चाकुलिया में गिरफ्तार दो लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली मालती मुर्मू की निशानदेही पर पुलिस ने जमीरा पहाड़ से एक एके-47, एक इंसास राइफल, 210 गोलियां और कई मैगजीन बरामद की हैं।

पश्चिम बंगाल के मिदनापुर क्षेत्र से पकड़ी गई मालती को लेकर कोलकाता एसटीएफ और झारखंड एवं छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम चाकुलिया पहुंची थी।

पुलिस और कोबरा जवानों की टीम मालती को लेकर बर्डीकानपुर-कालापाथर पंचायत के जोभी गांव पहुंची। वहां से टीम पैदल जमीरा पहाड़ की ओर गई। मालती की निशानदेही पर पहाड़ी क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया गया, जिसके दौरान जमीन में छिपाकर रखे हथियार और कारतूस बरामद किए गए। बरामदगी में एके-47 के साथ 125 और इंसास राइफल के साथ 85 गोलियां शामिल हैं। इसके अलावा कई मैगजीन भी मिली हैं। पुलिस इसे नक्सल विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही है।

बताया गया है कि मालती मुर्मू माओवादी एरिया कमेटी की सदस्य रही है और झारखंड पुलिस ने उस पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। उसका पति मंगल महतो उर्फ समीर भी नक्सली संगठन में सक्रिय रहा है। पुलिस के अनुसार मंगल एके-47 और मालती इंसास राइफल लेकर चलती थी। दोनों पूर्व में पोलित ब्यूरो सदस्य और लालगढ़ आंदोलन के प्रमुख चेहरों में रहे कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी के बॉडीगार्ड थे। वर्ष 2011 में मुठभेड़ में किशनजी के मारे जाने के बाद दोनों बंगाल स्टेट कमेटी के सचिव असीम मंडल के बॉडीगार्ड बन गये थे।

बताया जाता है कि असीम मंडल के जंगल से बाहर निकलने के बाद मंगल और मालती ने जमीरा पहाड़ क्षेत्र में हथियार छिपा दिए और संगठन से अलग हो गये। इसके बाद दोनों पश्चिम बंगाल में एक संबंधी के यहां छिपकर रह रहे थे। संगठन में रहते हुए दोनों ने कथित तौर पर 'कॉमरेड मैरिज' की थी।

असीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ की पूछताछ में मंगल और मालती के ठिकानों के बारे में जानकारी मिलने की बात सामने आ रही है। इसके बाद पुलिस ने दोनों की तलाश तेज कर दी थी। हालांकि, चर्चा यह भी है कि मंगल और मालती ने आत्मसमर्पण किया है।

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