रांची , अक्टूबर 16 -- झारखंड के धनबाद जिले के बीसीसीएल एरिया-4 अंतर्गत अंगार पथरा ओपी और कतरास थाना क्षेत्र में आरके आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा किए जा रहे कोयला उत्खनन कार्य के दौरान नियमों को ताक पर रखने का मामला सामने आया है।
कंपनी पर कतरी नदी में भारी मात्रा में मिट्टी डंप कर नदी के प्राकृतिक प्रवाह को अवरुद्ध करने और उसकी चौड़ाई को कम करने का सिलसिला लगातार जारी है, इस अवैध निर्माण और प्रशासनिक चुप्पी को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब बिना किसी वैध अनुमति के नदी में पुल का निर्माण किया जा रहा है, तो यह स्पष्ट रूप से नियमों का खुला उल्लंघन है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई न किया जाना जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, केवल वर्तमान आरके आउटसोर्सिंग कंपनी ही नहीं, बल्कि पूर्व में कार्यरत कंपनियों द्वारा भी कतरी नदी की चौड़ाई को कम करने और नदी की प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करने का काम किया जाता रहा है। पूर्व में भी एक अन्य कंपनी द्वारा नदी में अवरोध पैदा कर अवैध पुल का निर्माण किया गया था। वार्ड संख्या-5 की पार्षद निरुपमा देवी और स्थानीय लोगों के कड़े विरोध के बाद उस अवैध पुल को हटाया गया था।
कतरी नदी के प्रवाह और उसकी वास्तविक प्रकृति के साथ खिलवाड़ करने का मुद्दा विधायक सरयू राय एवं बियाडा के पूर्व अध्यक्ष विजय झा ने भी उठाया था। इस मामले में लोगों का कहना है कि जब पहले विरोध के बाद कार्रवाई संभव थी, तो वर्तमान मामले में प्रशासन खामोश क्यों है?अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर मामले पर कब तक संज्ञान लेते हैं, या फिर कोयला उत्पादन और व्यावसायिक हितों की आड़ में नदी के अस्तित्व से जुड़ा यह महत्वपूर्ण मामला यूं ही दबा रह जाएगा।
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