रांची , अगस्त 3 -- झारखंड के दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अब आधुनिक तकनीक आधारित व्यक्तिगत शिक्षा की सुविधा मिलेगी।
विकास भारती बिशुनपुर और ग्लोबसलर्न सर्विसेज़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच सोमवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी के तहत ऐआई-संचालित लर्निंग प्लेटफॉर्म Prepzy.ai को राज्य के सभी 24 जिलों में विकास भारती के नेटवर्क के माध्यम से कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों तक पहुंचाया जाएगा।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि Prepzy.ai को एनसीईआरटी/सीबीएसई पाठ्यक्रम और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप विकसित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों को 24 घंटे उपलब्ध रहने वाले ए आई आधारित पर्सनल ट्यूटर 'एटलस' की सुविधा देता है, जो हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में टेक्स्ट या वॉइस के माध्यम से सवालों का चरणबद्ध समाधान उपलब्ध कराता है।
ग्लोबसलर्न के संस्थापक एवं अकादमिक प्रमुख डॉ. शिवेन्दु एस. ने कहा कि तकनीक तभी प्रभावी होती है जब उसके पीछे मजबूत शिक्षण पद्धति हो। उन्होंने कहा कि ट्रिप चाहिए Prepzy.ai को इस उद्देश्य से विकसित किया गया है कि आर्थिक या भौगोलिक स्थिति चाहे जैसी भी हो, हर बच्चे को व्यक्तिगत मार्गदर्शन मिल सके।
वहीं, ग्लोबसलर्न के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने कहा कि वर्षों से शिक्षा पर भारी निवेश के बावजूद गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अंतिम पंक्ति के विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच सकी है। Prepzy.ai इस अंतर को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
ग्लोबसलर्न की सह-संस्थापक एवं झारखंड की पूर्व शिक्षा सचिव मृदुला सिन्हा ने कहा कि शिक्षा प्रशासन में रहते हुए उन्होंने अवसरों के अभाव में अनेक प्रतिभाशाली बच्चों को पिछड़ते देखा है। यह पहल उन्हीं बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का प्रयास है।
प्लेटफॉर्म में विद्यार्थियों के लिए डायग्नोस्टिक टेस्ट, कॉन्सेप्ट बिल्डर, 5,200 से अधिक वीडियो लेक्चर, 24x7 एआई डाउट सॉल्वर, अध्यायवार अभ्यास, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र, कस्टम टेस्ट, मॉक परीक्षा, समरी नोट्स, प्रोग्रेस और पैरेंट डैशबोर्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही इसमें विज्ञापन और सोशल मीडिया जैसी किसी भी प्रकार की व्याकुलता नहीं होगी।
विकास भारती बिशुनपुर के सचिव पद्मश्री अशोक भगत ने आज कहा कि संस्था पिछले चार दशकों से झारखंड के अंतिम गांव तक शिक्षा और विकास की योजनाएं पहुंचाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी से अब दूरदराज़ क्षेत्रों के बच्चे भी शहरों के विद्यार्थियों के समान गुणवत्तापूर्ण और व्यक्तिगत शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। दोनों संस्थाओं ने बताया कि शुरुआत में इसे पायलट परियोजना के रूप में लागू किया जाएगा, जिसे आगे चलकर राज्यव्यापी मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। भविष्य में इसमें क्षेत्रीय भाषाओं, शिक्षक प्रशिक्षण, राज्य बोर्ड, जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी शामिल की जाएगी।
कंपनी के अनुसार, Prepzy.ai का उद्देश्य अत्यंत कम लागत पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। फिलहाल इसकी कुछ सेवाएं प्रतिदिन लगभग तीन रुपये की लागत पर उपलब्ध हैं और भविष्य में इसे और अधिक किफायती बनाने की योजना है।
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