कोडरमा , अप्रैल 15 -- झारखंड के कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र अंतर्गत धरियावर में एक कुएं से 8 साल के बच्चे का शव बरामद किया गया।
इस बाबत मृतक बच्चे की मां के अनुसार बताया गया कि रात में दो नकाबपोश घर में घुसे और बच्चे को उठाकर ले गए। वहीं जबकि, पुलिस ने इस मामले में मृतक की मां और बच्चे के फुफा के बीच प्रेम प्रसंग में हत्या की आशंका जाहिर की है। पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया है।
मृतक की पहचान आर्यन कुमार के रूप में की गई है। आर्यन, पवन कुमार यादव का पुत्र था। इधर मृतक बच्चे के मामा बबलू यादव ने बताया कि बीती रात करीब 10 बजे उसकी बहन उर्मिला ने उन्हें फोन कर जानकारी दी कि वह आर्यन के साथ कमरे में सो रही थी। इसी दौरान दो नकाबपोश घर में घुसे और बच्चे को जबरन उससे छीनकर ले गए। उर्मिला ने बच्चे को बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस बच्चे की लगातार खोजबीन कर रही थी। वहीं देर रात पुलिस ने मृतक बच्चे के फूफा अशोक यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इधर, बुधवार सुबह गांव की एक महिला महुआ चुनकर लौट रही थी, तभी उसने कुएं के अंदर एक बच्चे का शव उपलाता देखा। महिला ने तुरंत इसकी सूचना ग्रामीणों को दी, जिसके बाद सैकड़ों की संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। डोमचांच पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई।
डोमचांच पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कुएं से बाहर निकाला। शव की पहचान होते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। एसडीपीओ अनिल कुमार, इंस्पेक्टर अरविंद कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच के बाद बच्चे की मां को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। मृतक बच्चे के दादा अनिल यादव ने आरोप लगाया है कि बच्चे की मां का किसी के साथ अवैध संबंध था। आर्यन को इस बात की जानकारी हो गई थी, जिसके कारण मां ने बच्चे की हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया।
वहीं, बच्चे के मामा बबलू यादव का कहना है कि जब से बहन की शादी पवन से हुई थी, तभी से उसके पति और ससुराल वाले लगातार बहन के साथ मारपीट करते रहते थे। उन्होंने कहा कि उनकी बहन अपने बच्चों को बड़ी मुश्किल से पाल-पोषकर बड़ा की थी।
वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि बच्चे के फूफा अशोक यादव, उसके दादा-दादी व परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर आर्यन की हत्या की है और उसे कुएं में डाल दिया है। इधर, घटना के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए और पुलिस को बच्चे का शव ले जाने से रोका। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस बच्चे के दादा-दादी को हिरासत में ले और उसकी मां को रिहा करें। जिसके बाद पुलिस ओर स्थानीय लोगों के बीच जमकर नोंकझोंक हुए जिसके बाद पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।
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