बोकारो , अक्टूबर 19 -- झारखंड के बोकारो में स्थापित भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) की इकाई बोकारो स्टील लिमिटेड (बीएसएल) में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापितों द्वारा किया गया गेट जाम को झारखंड उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन ने गेट जाम मुक्त कर दिया है।
आधिकारिक सूत्रों ने आज यहां बताया कि सेल ने अपनी रिट #याचिका डब्ल्यू.पी.(सी.आर.) न.. 639 ऑफ 2026 में झारखंड सरकार के मुख्य सचिव, बोकारो के डीसी, एसपी , एसडीओ चास, बोकारो की विधायक श्वेता सिंह और विस्थापित अप्रेंटिस संघ को प्रतिवादी बनाया है।
ज्ञातव्य हो कि बीएसएल में नौकरी की मांग को लेकर विस्थापित अप्रेंटिस संघ के बैनर तले 10 अक्टूबर से टू-टेन गार्डन में आमरण अनशन जारी है। 15 अक्टूबर को आंदोलनकारियों ने प्लांट के गेट नंबर 09 और 10 को जबरन बंद कर दिया था, और 16 अक्टूबर को मुख्य गेट सहित सभी गेट बंद कर दिए गए थे।
मजबूरन बीएसएल प्रबंधन ने 17 अक्टूबर को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। प्रबंधन के अनुसार कोई और विकल्प नहीं बचा था। रविवार 18 अक्टूबर को बोकारो के डीसी अजय नाथ झा ऑनलाइन कोर्ट में उपस्थित हुए। सेल की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने पक्ष रखा।
झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने दुर्गा पूजा के अवकाश के बावजूद मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष सुनवाई की और उपायुक्त को सभी गेट खुलवाने तथा कर्मचारियों की आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आदेश के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल सभी गेट खुलवा दिया।
हाईकोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को करेगा, जिसमें सभी प्रतिवादियों को अपना जवाब देना होगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित