रांची , जून 22 -- झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने नीट परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है।

सोमवार को रांची स्थित पार्टी के केंद्रीय कैंप कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए परीक्षा संचालन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।

श्री भट्टाचार्य ने भारतीय वायुसेना की सराहना करते हुए कहा कि वायुसेना ने अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन किया है, लेकिन यह चिंता का विषय है कि परीक्षा संचालन जैसे कार्यों में सेना की सहायता लेने की नौबत क्यों आई। उन्होंने कहा कि सेना का उपयोग सामान्यतः प्राकृतिक आपदाओं, आपातकालीन परिस्थितियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किया जाता है। ऐसे में परीक्षा के संचालन के लिए असाधारण व्यवस्थाएं करना व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।

श्री भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि देश की परीक्षा प्रणाली और सरकारी तंत्र पर लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा को निष्पक्ष ढंग से कराने के लिए सेना की निगरानी जैसी व्यवस्था करनी पड़ रही है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने केंद्र सरकार की शिक्षा नीति पर भी निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी निवेश लगातार कम किया जा रहा है और धीरे-धीरे इसे निजी संस्थानों के भरोसे छोड़ने की कोशिश की जा रही है। सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि महंगे निजी मेडिकल कॉलेजों के कारण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए अवसर लगातार सीमित होते जा रहे हैं।

श्री भट्टाचार्य ने कहा कि नीट परीक्षा पहले भी कई बार विवादों में रही है और परीक्षा संपन्न होने के तुरंत बाद पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी घोषित नहीं किया जा सकता। पिछले वर्षों में भी परीक्षा के बाद कई अनियमितताओं के मामले सामने आए थे, इसलिए इस बार भी पूरी जांच होने तक सवाल बने रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि लाखों छात्रों का भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा हुआ है और केंद्र सरकार को इस मामले में जवाबदेही तय करनी चाहिए।

श्री भट्टाचार्य ने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि परीक्षाओं के संचालन में लगातार विवाद सामने आते रहे, तो अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की जिम्मेदारी भी ईडी और सीबीआई को सौंप देनी चाहिए।

प्रेस वार्ता के दौरान श्री भट्टाचार्य ने हाल में संपन्न राज्यसभा चुनाव के नतीजों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि महागठबंधन उम्मीदवार को मिले 50 वोट यह साबित करते हैं कि गठबंधन के नेता हेमंत सोरेन हैं। वहीं, एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को मिले समर्थन के संदर्भ में उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए के विधायकों के साथ क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों की राजनीतिक जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव परिणामों की समीक्षा की जाएगी।

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