झाबुआ , जुलाई 31 -- मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ जिले में पिछले दो-तीन दिनों से हो रही झमाझम बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। लंबे अंतराल के बाद मानसून सक्रिय होने से फसलों को संजीवनी मिली है, जबकि गर्मी और उमस से भी लोगों को राहत मिली है।

लगातार वर्षा के कारण जिले की अनास, पंपावती, नौगांव और पद्मावती सहित कई नदियों में तेज बहाव है। अच्छी बारिश से अब तक सूनी पड़ी पहाड़ियां भी हरियाली से आच्छादित होने लगी हैं। किसानों को उम्मीद है कि रक्षाबंधन से पहले करेला, ककोड़ा, देशी ककड़ी और भुट्टा जैसी मौसमी फसलें बाजार में पहुंचने लगेंगी, जिससे सब्जियों के दामों में भी कमी आने की संभावना है।

भू-अभिलेख विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में झाबुआ में 87.8 मिलीमीटर, रामा में 80.01 मिलीमीटर, थांदला में 43.4 मिलीमीटर, पेटलावद में 41 मिलीमीटर, रानापुर में 101 मिलीमीटर तथा मेघनगर में 44 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष इसी अवधि तक जिले में 519.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी, जबकि इस वर्ष अब तक 322.9 मिलीमीटर वर्षा हुई है। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में वर्षा कम है, लेकिन समय पर हुई बारिश से किसानों को राहत मिली है और फसलों को नया जीवन मिला है।

कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि श्रावण माह में भी अच्छी वर्षा होगी और जिले में वर्षा का कुल आंकड़ा सामान्य स्तर के करीब पहुंच सकेगा। झाबुआ जिले में औसतन लगभग 32 इंच वर्षा की आवश्यकता मानी जाती है।

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