झांसी , अगस्त 1 -- उत्तर प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड की ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से झांसी मंडल में लगभग 15 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 13 नई पर्यटन परियोजनाओं की कार्ययोजना तैयार की है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शनिवार को इन प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के अंतर्गत झांसी की आठ, जालौन की तीन और ललितपुर की दो परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इन योजनाओं का उद्देश्य ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों का संरक्षण, पर्यटक सुविधाओं का विस्तार तथा बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन से जोड़ना है।
श्री सिंह ने कहा कि पर्यटन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक स्थल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को संरक्षित रखते हुए पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना है। उन्होंने निर्देश दिए कि एक करोड़ रुपये तक की सभी निर्माणाधीन परियोजनाएं नवंबर 2026 तक हर हाल में पूरी की जाएं।
उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर परियोजनाओं का भूमिपूजन एवं पूर्ण होने पर लोकार्पण कराने के भी निर्देश दिए।
झांसी जिले में प्राचीन माता मंदिर, सिद्ध बाबा की टोरिया, बालूआ घाट हनुमान मंदिर, श्री चड़कन महाराज मंदिर, बरिया बाली माता मंदिर तथा श्री हीरामन महाराज मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटक सुविधाओं के विकास के प्रस्तावों की समीक्षा की गई। बैठक में 17वीं शताब्दी के राजा चंपतराय महल को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत हेरिटेज पर्यटन इकाई के रूप में विकसित करने तथा मराठा कालीन रघुनाथ महल के संरक्षण, पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण की योजना पर भी विस्तार से विचार किया गया। इन परियोजनाओं से झांसी के हेरिटेज पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
ललितपुर में श्री श्री 1008 भुवनेश्वर धाम मंदिर और वनखंडी मंदिर के विकास के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। वहीं जालौन में प्राचीन बड़ी माता मंदिर, ऋषि पराशर की तपोस्थली तथा करण देवी मंदिर के विकास एवं पर्यटक सुविधाओं के विस्तार की योजनाओं की समीक्षा की गई।
संस्कृति विभाग ने झांसी राजकीय संग्रहालय के आधुनिकीकरण तथा जालौन में शहीद श्याम सिंह सेंगर स्मारक स्थल के निर्माण की प्रगति से अवगत कराया। बैठक में हाथीखाना, रानी महल, महाकालेश्वर मंदिर, लक्ष्मी मंदिर, ललितपुर का गुफा मंदिर, बबीना की खैलार बावली और गरौठा स्थित चंदेलकालीन बावली के संरक्षण एवं विकास संबंधी प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए।
इसके अलावा झांसी के चिरगांव में राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए संग्रहालय निर्माण के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।
धर्मार्थ कार्य विभाग ने बंजारो मंदिर, राम जानकी मंदिर और शिव मंदिर के अनुरक्षण एवं विकास से जुड़े प्रस्ताव प्रस्तुत किए। इन योजनाओं का उद्देश्य धार्मिक स्थलों का संरक्षण करने के साथ श्रद्धालुओं के लिए आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना है।
बैठक में वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच स्वीकृत पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण, प्रभावी निगरानी तथा सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
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