अयोध्या , जून 19 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या का गौरवशाली इतिहास ज्ञान परंपरा और गोसंरक्षण से जुड़ा रहा है तथा अयोध्या के राजाओं ने सदैव दोनों की रक्षा की है। उन्होंने समाज से गोसंरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी की अपील भी की।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को यहां दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित भगवान मुनि सुव्रतनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने ऋषभदेव जन्मभूमि द्वार एवं 101 भगवान जिनमंदिर का लोकार्पण किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति 'जियो और जीने दो' के सिद्धांत पर आधारित है। जीव मात्र के कल्याण की भावना भारतीय परंपरा का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि गाय दैवीय विभूति है और उसके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समाज को आगे आना चाहिए।

गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने जैन समाज से आह्वान किया कि प्रत्येक परिवार कम से कम एक गाय के पालन-पोषण का खर्च वहन करने का संकल्प ले। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो गोशालाओं को गोद लेकर उनके संचालन में सहयोग किया जाए। गोमाता के संरक्षण से भारतीय संस्कृति, जैन धर्म और सनातन परंपरा की रक्षा भी सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से स्वच्छता, पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण तथा राष्ट्रहित के अभियानों से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी नागरिकों में कर्तव्यबोध की भावना विकसित करने पर बल देते हैं और प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रथम जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव की जन्मभूमि अयोध्या है और भगवान जड़ भरत, जिनके नाम पर देश का नाम भारत पड़ा, भी इसी परंपरा से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि 24 जैन तीर्थंकरों में सर्वाधिक का प्रकटीकरण इसी धरती पर हुआ। इनमें पांच तीर्थंकरों का जन्म अयोध्या में हुआ था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्म-अनुशासन ही श्रेष्ठ नेतृत्व का आधार है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति स्वयं पर अनुशासन नहीं रख सकता, वह दूसरों का मार्गदर्शन या नेतृत्व नहीं कर सकता। जैन तीर्थंकरों ने अपने जीवन, साधना और वाणी से विश्व मानवता को कल्याण और शांति का संदेश दिया है।

कार्यक्रम में जैनाचार्य रविंद्र कीर्ति स्वामी ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें जन्मदिवस की शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर जैन साध्वी गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता जी, चंदनामती माता जी, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक वेदप्रकाश गुप्त, अमित सिंह चौहान, अभय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह तथा जैन समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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