हैदराबाद , अक्टूबर 26 -- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव और तेलंगाना के पार्टी पर्यवेक्षक अविनाश पांडेय ने सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके कामकाज की जांच कराने की मांग की।
उन्होंने चुनाव आयोग पर मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने की शिकायतों का समाधान करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
यहां इंदिरा भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री पांडेय ने कहा कि कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त के आचरण एवं भूमिका की जांच की मांग करने का प्रस्ताव पारित किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए 'फॉर्म सात' के इस्तेमाल ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र, हरियाणा और मध्य प्रदेश के चुनावों से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और जानकारियों के संबंध में पार्टी के आवेदनों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया है।
श्री पांडेय ने केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर इस मुद्दे पर मौन साधने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के चुनावी अधिकारों और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि श्री राहुल गांधी पिछले कई महीनों से इन विसंगतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की अगुआई कर रहे हैं। उन्होंने प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी लामबंदी को एक व्यापक जनसंग्राम की शुरुआत बताया।
कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन एक नवंबर को नयी दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल जनसभा आयोजित करेंगे, जिसमें देश भर के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
श्री पांडेय ने 'वोट बचाओ, देश बचाओ' के नारे के साथ राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन का आह्वान किया और तेलंगाना सहित पूरे देश के लोगों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की।
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