रामपुर , जुलाई 22 -- उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव विजयपाल सिंह यादव बुधवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यूनिवर्सिटी के विरुद्ध प्रस्तावित कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला।
विजयपाल सिंह यादव ने आरोप लगाया कि रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) राजनीतिक भावना से प्रेरित होकर जौहर यूनिवर्सिटी के विरुद्ध कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले गरीब परिवारों के छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन इसे निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आजम खान के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया, जबकि गंभीर आपराधिक मामलों के अन्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उनका दावा था कि रामपुर के विकास में आजम खान का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और ऐसे व्यक्ति को राजनीतिक कारणों से जेल में रखा गया है।
सपा नेता ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के किसी नेता ने ऐसा शैक्षणिक संस्थान स्थापित नहीं किया है। उन्होंने कहा कि देश में शिक्षा, रोजगार और युवाओं के मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए जौहर यूनिवर्सिटी को विवाद का केंद्र बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा के मंदिरों को नष्ट करने के बजाय उन्हें संरक्षित किया जाना चाहिए।
विजयपाल सिंह यादव ने जिलाधिकारी रामपुर, उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार से जौहर यूनिवर्सिटी के विरुद्ध प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई निरस्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी विश्वविद्यालय को बचाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।
उन्होंने बताया कि फिलहाल समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के रामपुर आने का कोई आधिकारिक कार्यक्रम तय नहीं है, लेकिन उनके भविष्य में रामपुर आने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि 23 अगस्त से अखिलेश यादव रथ यात्रा शुरू करेंगे।
गौरतलब है कि पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान द्वारा स्थापित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी इन दिनों प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर चर्चा में है। रामपुर विकास प्राधिकरण ने कथित निर्माण संबंधी अनियमितताओं के आधार पर विश्वविद्यालय की 38 इमारतों को अवैध बताते हुए नोटिस जारी किया है, जिसमें 30 जुलाई तक कार्रवाई का उल्लेख किया गया है।
इसके अतिरिक्त लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार तथा परिसर के भीतर निर्मित चार लेन मार्ग को सार्वजनिक रास्ता बताते हुए गेट को अवैध करार दिया है। वहीं अग्निशमन विभाग और आयकर विभाग ने भी विभिन्न कथित अनियमितताओं के संबंध में नोटिस जारी किए हैं। इन कार्रवाइयों के बाद विश्वविद्यालय परिसर और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
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