जौनपुर , मार्च 23 -- जौनपुर जिले के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित क्रांति स्तम्भ पर आज हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी और लक्ष्मीबाई ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने देश के महान क्रांतिकारी एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का 95वां शहीदी दिवस मनाया।
कार्यकर्ताओं ने क्रांति स्तम्भ पर मोमबत्ती और अगरबत्ती जला कर तीनों क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखा। क्रांति स्तम्भ पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए लक्ष्मीबाई ब्रिगेड की अध्यक्ष मंजीत कौर ने कहा कि भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को पंजाब प्रांत के लायलपुर जिले के बग्गा गाँव में हुआ था और उन्होंने देश की आज़ादी की लड़ाई में बढ़-चढ़कर भाग लिया। उन्होंने बताया कि भगत सिंह का मानना था कि क्रांति का मतलब केवल बम और पिस्तौल नहीं है, बल्कि विचारों की ताकत से ही इंकलाब आता है।
मंजीत कौर ने कहा कि अंग्रेजों ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला देने वाले भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में फांसी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि भगत सिंह को आधिकारिक रूप से शहीद का दर्जा प्रदान किया जाए, ताकि उन्हें शहीद-ए-आज़म कहा जा सके।
इस अवसर पर धरम सिंह, आशीष पांडेय, अजय सिंह, सुरेखा पाल, अनिरुद्ध सिंह, मंजीत कौर, मैनेजर पांडेय सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित