जौनपुर , जुलाई 17 -- संत रविदास की तपोस्थली छेराहटा (अमृतसर) से जन्मस्थली वाराणसी के बीच शुरू की गई संत रविदास अमृत भारत एक्सप्रेस (14623/14624) के स्वागत समारोह में इस बार एक नई परंपरा देखने को मिलेगी। रेलवे और रेल मंत्रालय की पहल पर पहली बार किसी जनप्रतिनिधि या राजनीतिक दल के नेता को मुख्य भूमिका नहीं दी गई है। इसके बजाय संत रविदास पंथ के अनुयायी ही ट्रेन का स्वागत करेंगे।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार शनिवार 18 जुलाई को सुबह 11 बजे जौनपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर पहुंचने वाली इस ट्रेन की अगवानी संत रविदास समाज के लोग पारंपरिक तरीके से करेंगे। स्वागत कार्यक्रम का नेतृत्व वरिष्ठ समाजसेवी रमेश बौद्ध और रमेश चंद्र गौतम करेंगे। उनके साथ बड़ी संख्या में रविदासिया समाज के श्रद्धालु स्टेशन पर मौजूद रहेंगे। सामाजिक और आध्यात्मिक दृष्टि से इसे एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। लोगों का मानना है कि जिस महापुरुष के नाम पर ट्रेन शुरू की गई है, उसके स्वागत का प्रथम अधिकार भी उनके अनुयायियों को मिलना चाहिए। इससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
रेलवे प्रशासन ने स्वागत समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। स्टेशन अधीक्षक अनिल कुमार उपाध्याय और आरक्षण पर्यवेक्षक अनुराग तिवारी को व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर आवश्यक निर्देश भी जारी किए गए हैं। संत रविदास अमृत भारत एक्सप्रेस अमृतसर स्थित उनकी तपोस्थली और वाराणसी स्थित जन्मस्थली को सीधे रेल मार्ग से जोड़ती है। यह नई सेवा श्रद्धालुओं के साथ-साथ आम यात्रियों के लिए भी लाभदायक साबित होगी।
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