अम्बेडकर नगर/जौनपुर , जुलाई 8 -- जौनपुर जिले के शाहगंज क्षेत्र में वर्ष 2014 के चर्चित डबल मर्डर एवं डकैती कांड का मुख्य आरोपी तथा एक लाख रुपये का इनामी बदमाश मंगलवार को अम्बेडकर नगर में उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया। उसकी मौत की सूचना मिलते ही पीड़ित परिवार में राहत और संतोष का माहौल है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मारे गए बदमाश की पहचान आसिफ उर्फ विक्की छैमार पुत्र बाबू उर्फ मजहर निवासी मकनपुर, थाना बिल्हौर, जनपद कानपुर नगर के रूप में हुई है। उसके कब्जे से 32 बोर की पिस्टल, 12 बोर की पौनिया, भारी मात्रा में कारतूस तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
एसटीएफ के अनुसार आसिफ अपने गिरोह के साथ घरों में घुसकर लोगों को बंधक बनाकर डकैती की वारदातों को अंजाम देता था और विरोध करने पर हत्या करने से भी नहीं चूकता था। उसके विरुद्ध उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में हत्या, डकैती, लूट समेत 21 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
पुलिस के अनुसार 23 अप्रैल 2014 की रात शाहगंज थाना क्षेत्र के नई आबादी, खुटहन रोड स्थित दवा व्यवसायी धीरज सिंह के घर में आसिफ और उसके साथियों ने धावा बोलकर पूरे परिवार को बंधक बना लिया था। डकैती के दौरान परिवार के पांच सदस्यों पर धारदार हथियारों से हमला किया गया, जिसमें धीरज सिंह की पुत्री स्वाति सिंह (23) और पत्नी सुमन सिंह (45) की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वारदात के बाद बदमाश लाखों रुपये के जेवरात और नकदी लूटकर फरार हो गए थे। इस मामले में आसिफ लंबे समय से फरार चल रहा था और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
एसटीएफ के अनुसार आसिफ वर्ष 2013 के सुल्तानपुर हत्याकांड, वर्ष 2014 के जौनपुर डबल मर्डर-डकैती कांड, वर्ष 2015 के कौशांबी दंपति हत्याकांड तथा मुजफ्फरनगर में सिलसिलेवार डकैती की घटनाओं सहित कई संगीन मामलों में वांछित था। वर्ष 2021 में कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया था।
पुलिस का कहना है कि आसिफ के मारे जाने के साथ प्रदेश के कई चर्चित संगीन मामलों के एक प्रमुख आरोपी का अंत हो गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित