देहरादून , मई 04 -- उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार को अपने शिविर कार्यालय में नाबार्ड पॉलीहाउस योजना के अंतर्गत डिजिटल भुगतान प्रणाली सीबीडीसी के माध्यम से अनुदान वितरण प्रक्रिया का विधिवत शुभारम्भ किया।
इस दौरान उन्होंने कृषकों के खातों में प्रतीकात्मक रूप से डिजिटल भुगतान कर सीबीडीसी का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को साकार करने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि उद्यान विभाग द्वारा एक अभिनव पहल करते हुए नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत क्लस्टर आधारित छोटे पॉलीहाउस स्थापना योजना में किसानों को शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ लाभान्वित करने के लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू की गई है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के अंतर्गत किसान ''अपुणि सरकार'' पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करेंगे। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा आवेदन की जांच और स्थल सत्यापन के बाद पात्र किसानों को सीबीडीसी वाउचर जारी किए जाएंगे।
श्री जोशी ने कहा कि उद्यान विभाग के तहत सेब की अति सघन बागवानी और कीवी नीति में डिजिटल भुगतान के माध्यम से अनुदान वितरण की व्यवस्था लागू की जा रही है। उन्होंने बताया कि पॉलीहाउस निर्माण कार्य पूर्ण होने और सत्यापन तक सीबीडीसी वाउचर की राशि ''लॉक्ड स्टेटस'' में रहेगी। सत्यापन के बाद संबंधित फर्म या कंपनी के खाते में भुगतान किया जाएगा, जिससे धनराशि का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 25 फर्मों एवं कंपनियों का पंजीकरण किया गया है और किसान अपनी सुविधा अनुसार किसी भी पंजीकृत फर्म के माध्यम से पॉलीहाउस निर्माण करा सकते हैं। साथ ही डिजिटल वॉलेट के माध्यम से सब्सिडी सीधे लाभार्थियों तक पारदर्शी और विश्वसनीय तरीके से पहुंचेगी।
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