हैदराबाद , मई 10 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि वह तेलंगाना को भी वैसा ही सहयोग देने के लिए तैयार हैं, जैसा सहयोग गुजरात सरकार को उनके मुख्यमंत्री के रूप में साढ़े दस साल के कार्यकाल के दौरान मिला था।
श्री मोदी की यह टिप्पणी तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी द्वारा केंद्र से अगले 10 वर्षों तक उसी तरह का सहयोग मांगे जाने के बाद आई, जैसा तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में गुजरात को मिला था।
श्री मोदी ने हैदराबाद में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि श्री रेड्डी ने कार्यक्रम में राजनीति पर चर्चा नहीं करने का आग्रह किया था।
उन्होंने कहा, " श्री रेवंत जी ने कहा कि राजनीति की बात नहीं करेंगे, इसलिए मैं भी राजनीति की बात नहीं करूंगा।"प्रधानमंत्री ने हल्के अंदाज में कहा, "गैर-राजनीतिक बातचीत में मैं श्री रेवंत जी से कहना चाहूंगा कि मैं उन्हें वही देने के लिए तैयार हूं, जो गुजरात सरकार को मेरे मुख्यमंत्री रहते साढ़े दस साल में मिला था।" उन्होंने हालांकि मजाकिया लहजे में यह भी जोड़ा कि यदि ऐसा किया गया तो तेलंगाना को फिलहाल केंद्र से जो लाभ मिल रहे हैं, वे समाप्त हो सकते हैं।
श्री मोदी ने कहा, "मेरी समझ से जिस दिन मैं ऐसा करूंगा, उस दिन आपको जो कुछ मिल रहा है वह सब खत्म हो जाएगा। आप जहां पहुंचना चाहते हैं वहां नहीं पहुंच पाएंगे। इसलिए बेहतर है कि आप मुझसे जुड़े रहें।"श्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार का स्पष्ट मानना है कि राज्यों का विकास ही देश के समग्र विकास की आधारशिला है।
उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग सरकारें होना कोई बुरी बात नहीं है, लेकिन देश के विकास के लिए राज्यों का विकास उतना ही महत्वपूर्ण है। राज्यों के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है।"श्री मोदी ने कहा कि सहकारी संघवाद की भावना के तहत केंद्र की योजनाएं और नीतियां सभी राज्यों के तेज विकास के लिए बनाई गई हैं ताकि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
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