पटना , जनवरी 11 -- बिहार के गृह विभाग के अधीन कार्यरत जेल एवं कारा सुधार सेवाओं को जेलों में किये गये उल्लेखनीय और नवाचारी कार्यों के लिये प्रतिष्ठित स्कॉच पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

यह सम्मान प्रदेश की जेलों में बंदियों के सर्वांगीण पुनर्वास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किये गये प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना है।

जेल एवं कारा सुधार सेवाओं के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राज्य की विभिन्न जेलों में बंदियों को कंप्यूटर प्रशिक्षण, डिजिटल लिटरेसी और बंदी पुनर्वास कार्यक्रमों के सफल संचालन के लिये यह पुरस्कार प्रदान किया गया है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बंदियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुये उन्हें रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करना है।

सम्मान समारोह में गृह सचिव- सह- महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवायें प्रणव कुमार को स्कॉच अवॉर्ड प्रदान किया गया है। इस अवसर पर कारा निरीक्षणालय से बंदी कल्याण पदाधिकारी विनोद कुमार प्रभास्कर और प्रोबेशन पदाधिकारी ज्योत्स्ना सिंह भी उपस्थित रहीं।

उल्लेखनीय है कि समाज में कंप्यूटर के बढ़ते उपयोग और तकनीकी आधारित रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुये राज्य की विभिन्न काराओं में आधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित की गई हैं। इन लैबों के माध्यम से बंदियों को एनआईएलआईटी के सहयोग से विभिन्न कंप्यूटर कोर्स कराये जा रहे हैं, जिनके सफल समापन पर उन्हें प्रमाण- पत्र भी प्रदान किये जा रहे हैं।

अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से कारा मुक्ति के बाद बंदियों को कंप्यूटर से जुड़े रोजगार प्राप्त करने में सहायता मिलेगी और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे।

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