नयी दिल्ली , अप्रैल 06 -- सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर अबतक 18.4 लाख करोड़ रुपये का व्यापार हो चुका है जिसमें अकेले गत 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष 2025-26 में पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार शामिल है।
जेम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिहिर कुमार ने सोमवार को यहां मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि 18.4 लाख करोड़ रुपये के संचयी सकल बाजार मूल्य को पार करना एक पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-संचालित खरीद प्रणाली में खरीदारों, विक्रेताओं और संस्थानों के विश्वास को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि जेम ने सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई), महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति उद्यमों और स्टार्टअप्स के लिए पहुंच बढ़ाने हेतु समावेशी दृष्टिकोण अपनाया है।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कुल ऑर्डरों में से 68 प्रतिशत की आपूर्ति लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसई) द्वारा की गयी जो कुल सकल बाजार मूल्य (जीएमवी) का 47.1 प्रतिशत था। इस प्लेटफॉर्म पर 11 लाख से अधिक एमएसई पंजीकृत हैं। पिछले वित्त वर्ष में इन्हें 2.36 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 51 लाख से अधिक ऑर्डर प्राप्त हुए हैं, जो वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दिखाता है। पोर्टल पर 2.1 लाख से अधिक महिला नेतृत्व वाले एमएसई पंजीकृत हैं। इन्हें 28,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं, जो सालाना आधार पर लगभग 28 प्रतिशत अधिक है।
इस दौरान स्टार्टअप को 19,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर प्राप्त हुए, जो 36 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दिखाता है।
श्री कुमार ने बताया कि जेम के संचालन में प्रौद्योगिकी की केंद्रीय भूमिका रही। यह प्लेटफॉर्म खरीद प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, दक्षता और अखंडता बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल) और उन्नत विश्लेषण का उपयोग करता है। प्रमुख प्रौद्योगिकी-आधारित उपायों में त्रुटियों को कम करने के लिए एमएल-आधारित कैटलॉग सत्यापन और पूर्व-जांच, तथा लेनदेन की निगरानी और अनियमितताओं का पता लगाने के लिए तत्काल विश्लेषण शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा व्यापक रूप से अपनाये जाने के बाद जेम में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी भी बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान राज्यों द्वारा की गयी खरीद में 38.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी, जो प्लेटफॉर्म के विस्तार में उनकी बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।
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