नयी दिल्ली/गाजियाबाद , फरवरी 24 -- केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन-उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को गाजियाबाद स्थित यशोदा मेडिसिटी में अत्याधुनिक एआई-सक्षम ई-आईसीयू कमांड सेंटर का उद्घाटन किया।
इस पहल के तहत गाजियाबाद के एमएमजी जिला अस्पताल को उन्नत क्रिटिकल केयर सेवाओं से जोड़ा गया है, जिससे गंभीर मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की 24 घंटे निगरानी और मार्गदर्शन मिल सकेगा।
इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री नड्डा ने कहा कि तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना आज के समय की मांग है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल से गंभीर मरीजों की देखभाल बेहतर होगी और जिला अस्पतालों में भी उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि यह मॉडल अस्पतालों को समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने और दूरदराज के लोगों तक गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुंचाने के लिए प्रेरित करेगा।
श्री नड्डा ने कहा कि ई-आईसीयू मंच से अस्पताल के सूचना तंत्र और उपकरणों के माध्यम से मरीज की निगरानी की जानकारी को एकीकृत पटल पर उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि इससे चिकित्सक मरीज के इलाज के लिये त्वरित और प्रमाण आधारित निर्णय ले सकेंगे, संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा तथा इलाज की लागत भी कम करने में मदद मिलेगी।
श्री नड्डा ने कहा कि इस व्यवस्था से न केवल गंभीर मरीजों के उपचार के परिणाम बेहतर होंगे, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को भी उच्च स्तरीय आईसीयू सुविधा सुलभ और किफायती दरों पर मिल सकेगी। साथ ही जिला अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ को विशेषज्ञों से प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी मिलता रहेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर चिकित्सा क्षमता मजबूत होगी।
श्री नड्डा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन आया है और देश इलाज-केंद्रित प्रणाली से निकलकर रोकथाम और प्रोत्साहन आधारित स्वास्थ्य प्रणाली की ओर बढ़ रहा है।
श्री नड्डा ने स्वास्थ्य क्षेत्र में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का स्वास्थ्य ढांचा पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि आज सरकार का लक्ष्य केवल बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि लोगों को बीमार होने से पहले ही सुरक्षित रखना है। इसी सोच के तहत आयुष्मान भारत योजना, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, टीकाकरण अभियान और डिजिटल स्वास्थ्य मिशन जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसके माध्यम से करोड़ों गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बड़ी राहत मिली है और अब उन्हें गंभीर बीमारी की स्थिति में इलाज के लिए कर्ज नहीं लेना पड़ता।
श्री नड्डा ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों की देखभाल के लिए सरकार ने कई प्रभावी कदम उठाए हैं। टीकाकरण अभियान को मजबूत किया गया है और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लाभार्थियों की निगरानी की जा रही है, जिससे समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
श्री नड्डा ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भारत ने अपनी क्षमता का परिचय दिया और दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण के कारण देश इस संकट से उबर सका।
यशोदा मेडिसिटी में यह परियोजना यशोदा फाउंडेशन की कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पहल के तहत शुरू की गई है। कार्यक्रम में यशोदा मेडिसिटी के वरिष्ठ प्रबंधन, चिकित्सक और स्वास्थ्य क्षेत्र के कई विशेषज्ञ मौजूद रहे।
यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. पीएन अरोड़ा ने कहा कि उनका उद्देश्य विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं हर मरीज तक पहुंचाना है और तकनीक इस लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि ई-आईसीयू कमांड सेंटर के माध्यम से दूरस्थ अस्पतालों के मरीजों को समय पर विशेषज्ञ सलाह मिल सकेगी और उपचार अधिक सटीक होगा।
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